क्योटी केनॉल टेल में जल संकट: किसानों की फसलें सूखने की कगार पर, 24 फरवरी को चक्का जाम का ऐलान
(विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा मध्यप्रदेश 24 फरवरी 2028)
रीवा, 24 फरवरी 2025 – जिला रीवा के ग्राम देवास सहित आसपास के 10 ग्रामों के किसानों को जल संकट की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। क्योटी केनॉल टेल में पानी न पहुंचने से रबी की फसलें सूखने की कगार पर हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस संकट के समाधान की मांग को लेकर किसानों ने 24 फरवरी को चक्का जाम एवं धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। किसानों का कहना है कि कलेक्टर महोदय द्वारा दो बार जन-सुनवाई में जल आपूर्ति का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
जल संकट और प्रशासनिक आश्वासन
किसानों के अनुसार, 4 फरवरी और 11 फरवरी 2025 को उनके जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर महोदय से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर जल संकट की गंभीरता से अवगत कराया था। कलेक्टर महोदय ने आश्वासन दिया था कि तीन दिनों के भीतर क्योटी केनॉल टेल में पानी छोड़ा जाएगा। लेकिन 22 फरवरी तक जल आपूर्ति न होने के कारण ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है।
फसलें बर्बादी के कगार पर, किसानों की चिंता बढ़ी
ग्राम देवास एवं आसपास के 10 ग्रामों में जल संकट का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। किसान लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि उनकी फसलें बचाने के लिए अविलंब पानी छोड़ा जाए। यदि समय रहते जल आपूर्ति नहीं होती, तो रबी की पूरी फसल नष्ट हो सकती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होगा। साथ ही, ग्रामीणों को पीने के पानी की भी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
24 फरवरी को होगा बड़ा आंदोलन
जल संकट से परेशान किसानों ने सामूहिक रूप से 24 फरवरी को ग्राम देवास बस स्टैंड पर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम करने का ऐलान किया है। प्रदर्शन में किसान संगठन और स्थानीय ग्रामीणों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उनकी प्रमुख मांग है कि क्योटी केनॉल टेल में तुरंत पानी छोड़ा जाए ताकि उनकी फसलें बच सकें और उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
आंदोलन में शामिल प्रमुख लोग
इस आंदोलन का नेतृत्व जनपद सदस्य अखिलेश पटेल, पूर्व सरपंच डाल प्रताप पटेल, उप सरपंच पति बृजमोहन पटेल, अतुल दुबे, विकास पटेल, नीरज पटेल, विकास विश्वकर्मा, अंकित पटेल, बबलू विश्वकर्मा, मनीष पटेल, मोहम्मद कलाम, रूरा धर्मेंद्र पटेल, माला आदर्श पटेल, प्रवीण कुमार, चंदानंद, राहुल विश्वकर्मा, छोटेलाल पटेल, राम नरेश पटेल, भोला प्रसाद पटेल, पूर्व सरपंच विजय पटेल, भाईराम दादा और सिद्ध मुनि पटेल कर रहे हैं। इन सभी का कहना है कि यदि प्रशासन शीघ्र जल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं करता, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं
किसानों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। जन-सुनवाई के दौरान दो बार आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक जल आपूर्ति की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
इस बीच, एसडीएम सिरमौर, एसडीओ नहर विभाग गंगा कछार रीवा, पटवारी देवास हल्का और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन किसानों का कहना है कि वे इस बार किसी भी आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। यदि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।जल संकट से जूझ रहे किसानों की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। प्रशासन के वादों और आश्वासनों के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। किसानों का आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है, जिससे प्रशासन के लिए स्थिति को संभालना कठिन हो सकता है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों को कब तक और कैसे पूरा करता है।





