रीवा महाकुंभ: अवैध खाद्य विक्रय पर प्रशासन की सख्ती, जनता में संदेह
(विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा मध्यप्रदेश 24 फरवरी 2025)
रीवा महाकुंभ में सम्मिलित होने वाले यात्रियों को शुद्ध और उचित दर पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर रीवा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, तथा नापतौल विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया गया है। टीम ने मनगवा बाईपास स्थित विभिन्न ढाबों और रेस्टोरेंट्स की जांच कर अनियमितताओं का खुलासा किया।
जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएँ उजागर
जांच अभियान के तहत वृंदावन ढाबे में गोभी की पुरानी सब्जी और खराब मावा फ्रीजर में पाया गया, जिसे तत्काल नष्ट कराया गया। इसके अलावा, ढाबा संचालक के पास आवश्यक लाइसेंस नहीं था, जिसके चलते प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। नापतौल विभाग ने यहां से दो घरेलू सिलेंडर भी ज़ब्त किए।इसी प्रकार, यूपी-बिहार ढाबा में घरेलू सिलेंडर का अवैध उपयोग और बिना लाइसेंस ढाबा संचालन की पुष्टि हुई। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पनीर के नमूने लिए गए, और अवैध सिलेंडर ज़ब्त किए गए।टीम ने क़दमव वाटिका ढाबा, माँ अन्नपूर्णा ढाबा, और रेस्टोरेंट मढ़िकला की भी जाँच की, जिसमें खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की पुष्टि हेतु नमकीन और पनीर के नमूने एकत्रित किए गए। इसके अलावा, अवमानक पनीर की आपूर्ति की आशंका को देखते हुए, गढ़ स्थित सुजीत स्टेशनरी एवं श्रीराम किराना दुकान से भी पनीर के नमूने जांच के लिए लिए गए।
खाद्य विभाग की सख्ती के बावजूद जनता में संदेह
हालांकि, प्रशासन की इन कार्रवाइयों के बावजूद स्थानीय जनता में प्रशासन की निष्पक्षता को लेकर संदेह बना हुआ है। आमजन की चर्चा है कि कई ढाबों में गुणवत्ताहीन खाद्य सामग्री बेची जा रही है, फिर भी कुछ अधिकारियों द्वारा इसे गुणवत्ता पूर्ण बताया जा रहा है।
इसके अलावा, यह भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि जब तक खाद्य सामग्री की विस्तृत जांच नहीं हो जाती, तब तक उसकी गुणवत्ता पर टिप्पणी करना कितना उचित है? क्या प्रशासन द्वारा पहले से ही इन ढाबों और होटलों के लाइसेंस जारी करने में नियमों का पालन किया गया था?
प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग
जनता में यह भी चर्चा है कि कुछ अधिकारी निरीक्षण के नाम पर दुकानों से अवैध रूप से वसूली कर रहे हैं। यदि ऐसा हो रहा है, तो इन व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाए कि आखिर किन मानकों के आधार पर ढाबों और होटलों की गुणवत्ता तय की जा रही है।
आगे की कार्रवाई और प्रशासन की जिम्मेदारी
प्रशासन द्वारा की जा रही इन जांचों से यह स्पष्ट है कि रीवा महाकुंभ के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन जनता का प्रशासनिक कार्यवाही पर पूर्ण विश्वास तभी बहाल होगा, जब सभी संदेहों का निवारण पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन आगे किस तरह की सख्ती बरतता है और दोषियों पर कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है।


