सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों का प्रदर्शन: पुलिस जांच उपरांत ही वास्तविकता का पता लगा सकती है।
नईगढ़ी, मऊगंज। सोशल मीडिया अब सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा, बल्कि अपराधियों के लिए अपनी ताकत और दबदबा दिखाने का प्लेटफॉर्म बन गया है। हाल के दिनों में फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अवैध हथियारों के साथ फोटो और वीडियो पोस्ट करने का चलन बढ़ता जा रहा है। इससे न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि समाज में दहशत का माहौल भी बन रहा है।
नईगढ़ी में युवक कर रहा खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन
ताजा मामला मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम लेडुआ, पोस्ट खर्रा का है, जहां विपिन सेन पिता शिवबालक सेन नामक युवक देसी कट्टे (पिस्तौल) के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर रहा है।
गांव के ही अमरीश जैसवाल ने बताया कि 17 फरवरी 2025 की रात करीब 9 बजे विपिन सेन उनके घर में घुस आया और जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उसने कहा कि अगर पुलिस में शिकायत की तो अंजाम बुरा होगा।
ग्रामीणों के अनुसार, विपिन सेन न केवल सोशल मीडिया पर हथियार लहराता है, बल्कि गांव के कई लोगों को धमका भी चुका है। कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि वह पहले भी कई बार हथियार दिखाकर डराने की कोशिश कर चुका है।
यह कोई पहली घटना नहीं है जब सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों के प्रदर्शन का मामला सामने आया हो। पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें अपराधियों ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर अपनी ताकत दिखाने और लोगों को डराने की कोशिश की है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पुलिस इस तरह के मामलों में तुरंत और सख्त कार्रवाई नहीं करती, तो अपराधियों के हौसले और बढ़ते रहेंगे। आमतौर पर पुलिस सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ देती है या मामूली धाराओं में मामला दर्ज करती है, जिससे अपराधी बेखौफ होकर अपनी हरकतें जारी रखते हैं।
अगर पुलिस समय रहते कदम नहीं उठाती, तो यह न सिर्फ कानून-व्यवस्था के लिए खतरा होगा, बल्कि समाज में डर और अराजकता भी बढ़ सकती है।



