फर्जी ई-टी.पी. के जरिए कोयला परिवहन का खुलासा: दुर्घटनाग्रस्त वाहन के नाम पर जारी हुआ पास, पूर्व वाहन स्वामी ने की जांच की मांग
कलेक्टर सीधी से शिकायत, प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
विंध्य वसुंधरा समाचार सीधी।
विंध्य क्षेत्र में कोयला परिवहन के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े और संगठित आपराधिक षड्यंत्र का एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। ग्राम केशवाही, तहसील बहरी, जिला सीधी निवासी राजीव कुमार साहू ने जिला कलेक्टर सीधी को एक विस्तृत शिकायती आवेदन देकर यह सनसनीखेज खुलासा किया है कि दुर्घटनाग्रस्त और बीमा कंपनी द्वारा जब्त एक ट्रक के नाम पर फर्जी ई-टी.पी. (इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास) जारी कर कोयला परिवहन दर्शाया गया है।
शिकायत के अनुसार, वाहन संख्या UP 63 T 8880, जो कि पहले राजीव कुमार साहू के स्वामित्व में था, लगभग आठ माह पूर्व सिंगरौली जिले के सजहर-खाखन मोड़ पर एक बड़ी दुर्घटना का शिकार हुआ था। वाहन को नेशनल इंश्योरेंस कंपनी ने 'टोटल लॉस' घोषित करते हुए जब्त कर अपने रीवा स्थित यार्ड में खड़ा कर दिया, जहाँ वह आज भी अनुपयोगी स्थिति में खड़ा है। इस वाहन से संबंधित बीमा क्लेम का मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
इसके बावजूद 15 अप्रैल 2025 को इस मृतप्राय वाहन के नाम पर ई-टी.पी. संख्या 2510073267 जारी की गई, जिसमें दर्शाया गया है कि शारदा मॉ लॉजिस्टिक प्रा. लि. मैहर ने 31.27 टन कोयला यूनाइटेड इन्फ्रा स्ट्रक्चर बहरी को भेजा। पास में वाहन स्वामी के रूप में आज भी राजीव कुमार साहू का नाम दर्ज है, जबकि वास्तविकता यह है कि उन्होंने वाहन अपने भाई कुंजमणि प्रसाद साहू को हस्तांतरित कर दिया था, और वह भी दुर्घटना के बाद ही।
इस मामले में सवाल यह उठता है कि जब वाहन बीमा कंपनी के कब्जे में खड़ा है और चलने योग्य नहीं है, तो उसके नाम पर ई-टी.पी. कैसे जनरेट की गई? इससे यह साफ जाहिर होता है कि यह पूर्व नियोजित आपराधिक साजिश है, जिसमें शारदा मॉ लॉजिस्टिक प्रा. लि. और यूनाइटेड इन्फ्रा स्ट्रक्चर की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है।
राजीव कुमार साहू ने आरोप लगाया कि यह न केवल फर्जीवाड़ा है, बल्कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की गहरी साजिश भी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस संबंध में 15 अप्रैल को थाना बहरी में लिखित शिकायत दर्ज कराई, साथ ही खनिज विभाग सीधी, खनिज अधिकारी मैहर और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को मौखिक व व्हाट्सएप माध्यम से भी जानकारी दी, लेकिन अब तक न कोई जांच शुरू हुई, न ही दोषियों पर कोई कार्रवाई।
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर सीधी को सौंपे गए आवेदन में ई-टी.पी. की प्रति, थाना बहरी को दी गई सूचना की प्रति, और बीमा कंपनी के अधिकृत सर्वेयर विद्यानिवास पाण्डेय की 'टोटल लॉस' रिपोर्ट की प्रतियां संलग्न की हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि—
इस प्रकरण की निष्पक्ष एवं निष्कलंक जांच कराई जाए,
दोषी फर्मों एवं व्यक्तियों पर आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर तत्काल कानूनी कार्यवाही की जाए,
उन्हें किसी भी प्रकार की कानूनी फंसावट से सुरक्षा प्रदान की जाए।
यह प्रकरण न केवल कोयला परिवहन व्यवस्था की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे मृतप्राय वाहनों के नाम पर फर्जी ई-टी.पी. जनरेट कर सरकार को राजस्व हानि एवं कानून व्यवस्था को चुनौती दी जा रही है।
प्रतिलिपि जिन संस्थाओं को भेजी गई:
1. खनिज विभाग, जिला सीधी
2. खनिज अधिकारी, मैहर
3. कलेक्टर महोदय, मैहर
4. शारदा मॉ लॉजिस्टिक प्रा. लि., मैहर
5. यूनाइटेड इन्फ्रा स्ट्रक्चर, बहरी
रिपोर्ट – विशेष संवाददाता
विंध्य वसुंधरा समाचार, सीधी (म.प्र.)




