फसल अवशेष जलाने पर कलेक्टर रीवा ने लगाया प्रतिबंध, उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना
विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा, 13 मार्च 2025।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत रीवा जिले में फसल कटाई उपरांत नरवाई (फसल अवशेष) जलाने पर प्रतिबंध लगाते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश प्रदेश सरकार के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के दिशा-निर्देशों और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है।
नरवाई जलाना अब दण्डनीय अपराध
धान और गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेष को जलाने की प्रवृत्ति से वातावरण में भारी प्रदूषण फैलता है और भूमि की उर्वरा शक्ति को भी हानि पहुंचती है। इसके साथ ही भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा सेटेलाईट से की जा रही निगरानी में भी ऐसे मामलों में तेजी देखी गई है।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया कि नरवाई जलाने की घटनाओं को रोका जाना अत्यंत आवश्यक है, जिससे न केवल पर्यावरण की रक्षा की जा सके बल्कि किसानों को आधुनिक तकनीकों का लाभ भी मिले।
हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा मैनेजमेंट अनिवार्य
अब जिले में कोई भी किसान कंबाईन हार्वेस्टर का उपयोग बिना स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) या स्ट्रा रीपर के नहीं कर सकेगा। इसके अनुपालन की जिम्मेदारी जिला परिवहन अधिकारी एवं सहायक कृषि यंत्री को सौंपी गई है। उल्लंघन की स्थिति में संबंधित मशीन धारक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण क्षति पर लगेगा जुर्माना
पर्यावरण विभाग की अधिसूचना के अनुसार, नरवाई जलाने पर किसान को निम्नानुसार अर्थदण्ड (जुर्माना) अदा करना होगा:
2 एकड़ से कम भूमि पर नरवाई जलाने पर ₹2,500
2 से 5 एकड़ भूमि वाले किसानों पर ₹5,000
5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों पर ₹15,000 प्रति घटना
कृषकों के लिए वैकल्पिक समाधान
प्रशासन द्वारा किसानों को नरवाई जलाने के स्थान पर हेप्पी सीडर, सुपर सीडर, बेलर, रैकर, चॉपर आदि मशीनों से फसल अवशेष का लाभकारी उपयोग करने की सलाह दी गई है। इससे मृदा में जैविक कार्बन की मात्रा बनी रहती है, लागत में कमी आती है तथा पशुओं के लिए भूसे का भी प्रबंध होता है।
सख्त निगरानी तंत्र किया गया सक्रिय
जिले में ग्राम से लेकर जिला स्तर तक निगरानी दल गठित किए गए हैं।
सेटेलाईट इमेजिंग के माध्यम से प्रतिदिन की घटनाओं की निगरानी की जाएगी।
घटना की सूचना मिलने पर 48 घंटे के भीतर स्थल पर पहुंचकर पंचनामा तैयार कर कार्रवाई की जाएगी।
15 दिनों के भीतर दोषियों पर अर्थदण्ड अधिरोपित किया जाएगा।
जनजागरूकता अभियान तेज
जनसंपर्क विभाग द्वारा आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही कृषि विभाग के अधिकारी एवं विस्तार अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करेंगे।
कलेक्टर ने कहा कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है और इसका उल्लंघन करने वाले के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय कार्यवाही की जाएगी
सम्पर्क करें:
कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, रीवा, म.प्र.
फोन: 07662-241635 | ईमेल: dmrewa@mp.gov.in



