धर्म, संस्कृति और श्रद्धा का अनुपम संगम: रीवा के लौरी नं.1 में श्रीमद्भागवत कथा के सात दिवसीय आयोजन की गूंज
विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा मध्यप्रदेश शैलेन्द्र मिश्रा
मध्य प्रदेश के रीवा जिले के ग्राम लौरी नं.1 में इन दिनों धर्म की दिव्य ध्वनि, संस्कृति की सौंधी महक और श्रद्धा की अनुपम छवि एक अद्भुत अध्यात्मिक वातावरण रच रही है। यहां चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि समस्त गांववासियों के लिए एक आत्मिक उत्सव बन गई है।
श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन हुआ लौरी गांव
इस कथा में भागवताचार्य द्वारा परीक्षित श्राप, ध्रुव चरित्र, कृष्ण जन्म, महारास लीला और सुदामा चरित्र जैसे प्रसंगों का ऐसा सजीव चित्रण किया गया कि श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो उठे। भागवत कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन की लीलाओं ने सबको गहराई से छू लिया।
संस्कार की जड़ों से जुड़ता अगली पीढ़ी: सत्यम का उपनयन
इस पावन आयोजन के दौरान एक और शुभ कार्य संपन्न हो रहा है — चि. सत्यम द्विवेदी का उपनयन संस्कार, जो सनातन परंपरा के अनुसार जीवन के संयम, आचार और विद्या की दिशा में प्रथम कदम होता है। दिवंगत श्री शिवावतार द्विवेदी जी के परपोते सत्यम का यह उपनयन संस्कार पूरे गांव और परिवार के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है।
परिवार का स्नेहिल आमंत्रण
इस शुभ अवसर पर समस्त द्विवेदी परिवार, जिसमें श्री वागीश प्रसाद जी व श्रीमती इन्द्रावती द्विवेदी जी सहित समस्त परिजन — सुमन-ऋषभ, प्राची-सुशील, अर्चना-गौरव,विनय विवेक, जान्हवी, पूर्णिमा-आशीष, एवं अन्य सभी स्नेही स्वजन — अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को गरिमा प्रदान कर रहे हैं। दादा जी प्रभाकर प्रसाद द्विवेदी एवं मनोज द्विवेदी के नेतृत्व में यह आयोजन पूर्ण श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हो रहा है।
महाप्रसाद और विद्वत आशीर्वचन से होगा समापन
इस धार्मिक यात्रा का समापन 08 मई 2025, गुरुवार को महाप्रसाद और विद्वानों के आशीर्वचन के साथ किया जाएगा। आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुजनों से आग्रह किया है कि वे इस पुण्य अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करें।
नटखट वेली सजी है, मेहमानों के स्वागत में बाग खिला है
नटखट वेली में सजे हुए लगन मंडप और पारंपरिक गीतों की गूंज के बीच यह आयोजन एक पावन पर्व के रूप में गांववासियों के हृदय में बस गया है।



