जैतवारा थाना में तैनात प्रधान आरक्षक प्रिंस कुमार गर्ग नहीं रहे दिल्ली में इलाज के दौरान तोड़ा दम, बदमाश ने थाने में घुसकर मारी थी गोली
(विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा सतना मध्यप्रदेश)
मध्यप्रदेश पुलिस विभाग के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। सतना जिले के जैतवारा थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक प्रिंस कुमार गर्ग ने शुक्रवार सुबह दिल्ली के मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे बीते 11 दिनों से मौत से जंग लड़ रहे थे। 28 अप्रैल की रात एक शातिर अपराधी ने थाने के भीतर घुसकर उन पर गोली चला दी थी। इस हमले के बाद वे लगातार गंभीर अवस्था में थे। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उन्हें बुधवार रात एयर एंबुलेंस के जरिए रीवा से दिल्ली ले जाया गया था।
थाने के भीतर घुसकर मारी थी गोली
घटना 28 अप्रैल की रात करीब 12 बजे की है, जब प्रधान आरक्षक प्रिंस कुमार गर्ग जैतवारा थाने के बैरक में आराम कर रहे थे। उसी दौरान कुख्यात बदमाश अच्छू शर्मा थाने में घुसा और अचानक फायरिंग कर दी। गोली गर्ग के दाहिने सीने में कॉलर बोन के नीचे जा लगी। यह हमला न केवल अप्रत्याशित था, बल्कि पुलिस विभाग की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े करता है।
9 दिन रीवा में चला इलाज, फिर दिल्ली ले जाया गया
गंभीर रूप से घायल गर्ग को तत्काल रीवा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 9 दिन तक इलाज चलता रहा। लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें उन्नत इलाज के लिए बाहर रेफर करने की सलाह दी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एयरलिफ्ट कराने का निर्णय लिया। बुधवार रात करीब 10 बजे दिल्ली से एयर एंबुलेंस रीवा पहुंची और गर्ग को दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दिल्ली में वेंटिलेटर पर थे, नहीं बचाई जा सकी जान
दिल्ली पहुंचने के बाद भी गर्ग की हालत में सुधार नहीं आया। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था, लेकिन उनके फेफड़े और अन्य अंगों पर गोली से गंभीर असर पड़ा था। शुक्रवार सुबह 8 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही सतना पुलिस विभाग, उनके परिवार और मित्रों में शोक की लहर दौड़ गई।
हमलावर अच्छू शर्मा पकड़ा गया, अब हत्या का केस दर्ज होगा
घटना के चार दिन बाद, 2 मई को सतना पुलिस ने अच्छू शर्मा को कोटर-अकोना मार्ग से घेराबंदी कर पकड़ा। एनकाउंटर के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उसे सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। अब, प्रधान आरक्षक की मृत्यु के बाद आरोपी पर हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा।
कर्तव्यनिष्ठ और शांत स्वभाव के थे प्रिंस कुमार गर्ग
प्रिंस कुमार गर्ग को उनके साथी एक कर्मठ, अनुशासित और शालीन अधिकारी के रूप में याद कर रहे हैं। वे हमेशा अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते थे। उनकी कार्यशैली और व्यवहार ने सभी का मन जीता था। वे न केवल विभाग के लिए बल्कि अपने परिवार के लिए भी एक मजबूत स्तंभ थे।
पोस्टमॉर्टम के बाद शव लाया जाएगा सतना
प्रिंस कुमार गर्ग का पोस्टमॉर्टम दिल्ली में कराया गया , जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके गृह जिले सतना लाया गया । पुलिस विभाग द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके गृह ग्राम में अंतिम संस्कार किया गया।
पूरे प्रदेश में शोक की लहर
इस घटना ने न केवल सतना बल्कि पूरे प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। एक थाने के भीतर पुलिसकर्मी पर हमला और फिर उसकी मौत, यह घटना बताती है कि अपराधियों के मन से कानून का डर कम होता जा रहा है। पुलिस विभाग इस मामले को पूरी गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई कर रहा है।





