गढ़ थाना पुलिस की बड़ी सफलता नाबालिग से दुष्कर्म के फरार आरोपी को तीन साल बाद किया गिरफ्तार, भेजा गया केन्द्रीय जेल
गढ़ थाना पुलिस ने एक गंभीर और संवेदनशील आपराधिक प्रकरण में तीन वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजने की कार्यवाही की है। यह सफलता उस समय मिली जब मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामला नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म से जुड़ा हुआ है, जिसमें आरोपी घटना के बाद से ही फरार चल रहा था।
घटना का विवरण
दिनांक 14 दिसंबर 2022 को गढ़ थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री घर से बिना बताए कहीं चली गई है। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल धारा 363 भा.दं.वि. (अपहरण) के तहत अपराध क्रमांक 592/2022 पंजीबद्ध कर बालिका की तलाश शुरू की।
कुछ समय बाद पुलिस द्वारा बालिका को दस्तयाब किया गया और उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में बालिका ने खुलासा किया कि विजय गुप्ता, जो कि उसी का रिश्तेदार है और ग्राम गढ़ का निवासी है, ने उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ भगाया और एकांत स्थान पर ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
बालिका के बयान और जांच के आधार पर प्रकरण में गंभीर धाराएं जैसे कि धारा 366 (अपहरण कर विवाह अथवा यौन शोषण हेतु प्रेरित करना), धारा 376 (बलात्कार), धारा 506 (जान से मारने की धमकी) भा.दं.वि. तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 भी जोड़ी गईं।
तीन वर्षों तक पुलिस को देता रहा चकमा
घटना के बाद से आरोपी विजय गुप्ता लगातार फरार चल रहा था। पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश में लगी रहीं, लेकिन वह बार-बार स्थान बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा। अंततः 23 मई 2025 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए गढ़ थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय में पेशी, केन्द्रीय जेल रीवा भेजा गया
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे केन्द्रीय जेल रीवा भेज दिया गया है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय में जारी रहेगी।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
नाम: विजय गुप्ता
पिता का नाम: विश्वनाथ गुप्ता
उम्र: 40 वर्ष
निवासी: ग्राम गढ़, थाना गढ़, जिला रीवा (म.प्र.)
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस मामले में गढ़ थाना पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्कृष्ट कार्य करते हुए न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। विशेष रूप से इन पुलिसकर्मियों की भूमिका सराहनीय रही:
उप निरीक्षक के. एल. बागरी
प्रधान आरक्षक विजय मिश्रा (प्र.आर. 570)
प्रधान आरक्षक राजेश पाठक (प्र.आर. 618)
आरक्षक अभिषेक पाण्डेय (आर. 1108)
इन सभी ने अपनी सूझबूझ, तत्परता और निष्ठा से इस जटिल प्रकरण में कार्रवाई को अंजाम दिया।
गढ़ थाना पुलिस की यह सफलता महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और कानून व्यवस्था की दृढ़ता को दर्शाती है। यह कार्रवाई समाज में एक सख्त संदेश भी देती है कि ऐसे घृणित अपराधों में संलिप्त आरोपी चाहे जितना भी समय बीते, कानून के हाथों से नहीं बच सकते।

