रीवा नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: चोरहटा क्षेत्र में दो अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर, सड़कें उखाड़ी गईं, बाउंड्री और बिजली कनेक्शन भी खत्म
रीवा में अवैध कॉलोनी माफिया पर शिकंजा — विंड ग्रुप सहित दो कॉलोनियों पर चला बुलडोजर, नगर निगम ने तोड़ी सड़कें, बाउंड्रीवाल और बिजली कनेक्शन
रीवा, 28 जून | विशेष रिपोर्ट विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा मध्यप्रदेश
रीवा नगर निगम ने अवैध कॉलोनी निर्माण पर कड़ा रूख अपनाते हुए शनिवार को चोरहटा क्षेत्र में दो अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त डॉ. सौरभ सोनवणे के निर्देश पर जोन क्रमांक 01 के अंतर्गत की गई। वर्षों से लंबित शिकायतों के बाद यह अब तक की सबसे निर्णायक कार्रवाई मानी जा रही है।
कार्रवाई के दौरान चार जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध कॉलोनियों में बनी सड़कें उखाड़ी गईं, प्रीकास्ट बाउंड्रीवाल्स को पूरी तरह गिराया गया, और बिजली के अवैध कनेक्शन भी काट दिए गए। कार्रवाई के समय स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और नगर निगम का अमला पूरी मुस्तैदी से तैनात रहा।
बीके माला एडवोकेट की शिकायतों पर हुई निर्णायक कार्रवाई
इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि में रीवा के वरिष्ठ अधिवक्ता बीके माला की वर्षों पुरानी शिकायतें हैं, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि रीवा के 45 वार्डों में बिना टीएसपी, रेरा रजिस्ट्रेशन और डायवर्सन के धड़ल्ले से अवैध कॉलोनी निर्माण हो रहा है। उनकी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए नगर निगम ने एक व्यापक सर्वे किया और चोरहटा क्षेत्र की दो कॉलोनियों को चिन्हित कर बुलडोजर चलाया।
अवैध रूप से काटे जा रहे थे भूखंड
नगर निगम द्वारा जिन दो कॉलोनियों पर कार्रवाई की गई, उनमें पहली कॉलोनी विंड ग्रुप के संचालक तौसीफ अहमद पिता मोह. हनीफ अहमद द्वारा खसरा नंबर 765/2/1, रकवा 2.6752 हेक्टेयर (ग्राम चोरहटा, वार्ड क्रमांक 04) में विकसित की जा रही थी। वहीं दूसरी कॉलोनी रामनिवास सिंह एवं बसंत सिंह पिता रामनाथ सिंह द्वारा खसरा नंबर 799/1/1, रकवा 0.5606 हेक्टेयर में अवैध रूप से भूखंडों में विभाजित कर बनाई जा रही थी।
दोनों स्थानों पर बिना किसी वैध अनुमति के भूमि का विभाजन कर रिहायशी प्लॉट बेचे जा रहे थे, जिससे भविष्य में नागरिकों को गंभीर कानूनी और बुनियादी सुविधा संबंधी संकट झेलना पड़ सकता था।
पहले दी गई थी चेतावनी, फिर उठाया गया कठोर कदम
नगर निगम ने इन कॉलोनी संचालकों को पूर्व में कई बार नोटिस और चेतावनियां जारी की थीं, लेकिन जब अवैध निर्माण नहीं रोके गए, तब प्रशासन ने मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाने का निर्णय लिया।
इस दौरान कार्यपालन यंत्री राजेश सिंह, सहायक यंत्री राजेश मिश्रा, उपयंत्री श्याम सुंदर मिश्रा, अतिक्रमण प्रभारी रावेंद्र शुक्ला, हरेराम मिश्रा, सुनील मिश्रा सहित निगम का पूरा अमला मौजूद रहा।
भविष्य में भी सख्ती जारी रहेगी: निगम आयुक्त
नगर निगम आयुक्त डॉ. सौरभ सोनवणे ने स्पष्ट किया है कि "रीवा शहर को अवैध निर्माण से मुक्त कराने के लिए निगम प्रतिबद्ध है। अवैध कॉलोनी, बिना डायवर्सन और रेरा रजिस्ट्री के किसी भी प्लॉट या क्षेत्र को बख्शा नहीं जाएगा।"
नागरिकों से अपील: खरीदारी से पहले जांच करें वैधता
निगम ने रीवा के नागरिकों से अपील की है कि किसी भी जमीन या प्लॉट की खरीदारी से पहले संबंधित दस्तावेजों की रेरा रजिस्ट्री, डायवर्सन स्वीकृति और टीएसपी नक्शे की वैधता की अनिवार्य जांच करें। अन्यथा भविष्य में उन्हें बड़ा आर्थिक और कानूनी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
नगर निगम की यह कार्रवाई रीवा में तेजी से फल-फूल रहे कॉलोनी माफिया के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश है। यदि इस मुहिम को इसी सख्ती के साथ जारी रखा गया, तो आने वाले वर्षों में शहर का विकास न सिर्फ नियोजित होगा, बल्कि आमजन को बुनियादी सुविधाओं के साथ सुरक्षित आवासीय व्यवस्था भी मिल सकेगी।





