पेट्रोलिंग कर रहे बिजलीकर्मियों पर ड्यूटी में जानलेवा हमला, चार गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों में आक्रोश
✍🏻 विंध्य वसुंधरा समाचार, रीवा/ मध्यप्रदेश
रीवा जिले के लालगांव विद्युत केंद्र से जुड़े कर्मचारियों पर बीती रात एक बड़ी और गंभीर वारदात घटित हुई। 15 और 16 जून 2025 की दरम्यानी देउर क्षेत्र में बिजली लाइन की पेट्रोलिंग कर रहे कर्मचारियों पर अज्ञात हमलावरों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में चार कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, रीवा में भर्ती कराया गया।
घायल कर्मचारियों में रमाकांत पटेल, अनिल कुमार विश्वकर्मा, कमलेश प्रजापति और प्रमोद कश्यप शामिल हैं। ये सभी कर्मचारी ड्यूटी के दौरान क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की निगरानी कर रहे थे, जब उन पर घात लगाकर हमला कर दिया गया।
घटना को लेकर विभागीय लापरवाही भी उजागर हुई है। सूत्रों के अनुसार, हमले से तीन दिन पूर्व ही संबंधित क्षेत्र में विवाद की स्थिति बनी थी, लेकिन कटरा स्थित कनिष्ठ अभियंता (JE) द्वारा इसकी कोई जानकारी स्थानीय थाना गढ़ को नहीं दी गई। यह चूक कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर विभागीय उदासीनता को दर्शाती है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक अन्य कर्मचारी रामकरण प्रजापति को भी हमलावरों ने मौके पर ही कनिष्ठ अभियंता के सामने बेरहमी से पीटा। इस घटना से विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
चौंकाने वाली बात यह है कि समाचार लिखे जाने तक इस हमले की एफआईआर गढ़ थाने में दर्ज नहीं की गई थी। इससे पीड़ित पक्ष की नाराजगी और असंतोष और भी बढ़ गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र दोषियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कार्य बहिष्कार और आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
यह घटना न केवल बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि प्रशासन की तत्परता पर भी प्रश्नचिन्ह लगाती है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस इस हमले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या दोषियों को समय रहते गिरफ्तार कर न्याय दिला पाते हैं।




