गाय-भैंस की करंट से मौत नहीं, ‘प्रणालीगत हत्या’: ग्रामीणों में उबाल, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल — दोषी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग
विशेष रिपोर्ट, विंध्य वसुंधरा समाचार, रीवा मऊगंज मध्यप्रदेश
दिनांक: 17 जून 2025
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम डिलहा 395 में मूक प्राणियों पर हुई बर्बरता ने समूचे ग्रामीण समाज को झकझोर कर रख दिया है। गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा अपने खेत में जानबूझकर फैलाए गए बिजली के करंट की चपेट में आकर एक गाय और एक भैंस की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा नहीं — पूर्व नियोजित जानलेवा जाल था, जो अब सवाल बनकर प्रशासन के सामने खड़ा है:
“अगर यह किसी इंसान के साथ होता, तब भी क्या इतनी ही शिथिलता होती?”
क्या है मामला? खेत में जानबूझकर फैलाया गया करंट
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम डिलहा 395 निवासी राकेश त्रिपाठी ने अपने खेत में नकुली तारबाड़ी (कंटीली बाड़) में बिजली के करंट का अवैध जाल बिछा रखा था। खेत में पानी भी भरा हुआ था। मवेशी — एक गाय और एक भैंस — प्यास बुझाने खेत के पास गईं और वहीं पर करंट की चपेट में आकर तड़पते हुए मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना की पुष्टि फरियादी प्रदीप तिवारी द्वारा की गई, जिनकी गाय-भैंस मृत हुई हैं। यह घटना न केवल आर्थिक नुकसान नहीं बल्कि पशु-क्रूरता की सीमा लांघने वाला कृत्य है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं — अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं?
ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी कई बार इसी खेत और इसी व्यक्ति की वजह से मवेशियों की करंट से मौत हो चुकी है। मगर न थाना नईगढ़ी ने कभी गंभीरता दिखाई, न विद्युत विभाग ने अपने स्तर से कोई निरीक्षण या कार्रवाई की।
क्या यह विभागीय मिलीभगत का मामला है?
या प्रशासन की संवेदनहीनता का?
उत्तरदायित्व अब टालना संभव नहीं।
यह महज़ दुर्घटना नहीं, 325, 395, BNS विद्युत अधिनियम की धारा 39 के तहत गैर-जमानती अपराध
जानबूझकर बिजली का करंट फैलाकर मवेशियों की हत्या करना:
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 — गंभीर गैर-जमानती अपराध
FIR दर्ज लेकिन आरोपी अभी भी खुले में घूम रहा — क्या कानून कमजोर है या इच्छाशक्ति?
थाना नइगढ़ी द्वारा अपराध क्रमांक 0254/2025 दर्ज किया गया है। सहायक उपनिरीक्षक नरेंद्र चतुर्वेदी को जांच सौंपी गई है। पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा मवेशियों का पोस्टमार्टम किया गया।
परंतु आज दिनांक तक न आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई, न ही बिजली कनेक्शन पर कोई कार्रवाई।
🗣️ गांव में उबाल: प्रदर्शन की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि 48 घंटे में:
1. आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती
2. विद्युत विभाग की जिम्मेदारी तय नहीं होती
3. ग्राम पंचायत को स्पष्टीकरण हेतु नोटिस नहीं जाता
तो थाने का घेराव, तहसील मुख्यालय पर धरना, और जिला कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों द्वारा दूरभाष के माध्यम से यह बात कही गई है।


