मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मनगवां में दी विकास की सौगातें, महिलाओं-दिव्यांगों के सशक्तिकरण पर रखा विशेष फोकस
विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा/मनगवां।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को रीवा ज़िले के मनगवां में “महिला स्व-सहायता समूह सशक्तिकरण सम्मेलन” में सहभागिता कर जहां एक ओर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, वहीं क्षेत्र के समग्र विकास की दृष्टि से करोड़ों की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर स्थानीय जनता को बड़ी सौगातें प्रदान कीं।
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “महिला सशक्तिकरण केवल भाषण का विषय नहीं, हमारे शासन की आधारशिला है। जब गाँव की बहनें सशक्त होंगी, तब पूरा प्रदेश सशक्त होगा।” कार्यक्रम में हजारों की संख्या में आईं ग्रामीण स्व-सहायता समूहों की महिलाएं मुख्यमंत्री की बातों से अभिभूत दिखीं।
◾ महिला स्व-सहायता समूहों को मिली नई उड़ान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों के लिए ₹18 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की, जिसमें बैंक ऋण सहायता, विपणन सुविधा, प्रशिक्षण, एवं उत्पाद विक्रय केंद्रों की स्थापना शामिल है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि “राज्य सरकार समूहों को सरकारी अनुबंधों में प्राथमिकता देगी, ताकि वे खुद के पैरों पर खड़ी हो सकें।”
डॉ. यादव ने ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना से जोड़ते हुए स्थानीय महिलाओं को बेलपत्र प्रसंस्करण, चावल आधारित पैकेजिंग उत्पाद, और जैविक खाद निर्माण जैसे नवीन व्यवसायों से जोड़ने की घोषणा की।
◾ लोकार्पण एवं शिलान्यास से क्षेत्र में विकास को गति
मुख्यमंत्री ने मंच से मनगवां क्षेत्र के लिए अनेक आधारभूत परियोजनाओं की घोषणा की जिनमें शामिल हैं:
₹35 करोड़ लागत की ग्रामीण पेयजल योजना का शिलान्यास
₹12 करोड़ की लागत से मनगवां-हनुमना संपर्क सड़क निर्माण
एक आधुनिक कृषि उत्पादन मंडी परिसर की आधारशिला
मनगवां में मिनी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा, “हर गांव को सड़क, हर घर को पानी और हर नौजवान को अवसर देना हमारी सरकार का लक्ष्य है।”
◾ दुग्ध उत्पादन से किसान की आय में वृद्धि का भरोसा
मुख्यमंत्री ने दुग्ध व्यवसाय को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मेरुदंड बताते हुए कहा कि आगामी तीन वर्षों में मध्यप्रदेश को ‘दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर राज्य’ बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, “सरकार हर डेयरी व्यवसायी को ₹3 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण देगी, जिससे एक नई दुग्ध क्रांति की शुरुआत होगी।”
◾ प्रदेश में बढ़ेंगे मेडिकल कॉलेज, युवाओं को मिलेगा बड़ा अवसर
डॉ. यादव ने अपने उद्बोधन में बताया कि प्रदेश में वर्तमान मेडिकल कॉलेजों की संख्या को बढ़ाकर 50 करने का रोडमैप तैयार है। उन्होंने कहा, “आज जरूरत है कि हर संभाग और दूरदराज जिले में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों।”
इस घोषणा से विंध्य क्षेत्र के छात्रों में उत्साह की लहर देखी गई, जो अब चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश के लिए अपने गृह जिले में ही अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
◾ चित्रकूट और कामतानाथ धाम का कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट धाम को “भारत के सबसे सुंदर आध्यात्मिक केंद्रों में से एक” बताते हुए कहा कि यहाँ की आध्यात्मिकता को विश्वपटल पर लाने के लिए ₹250 करोड़ की योजना पर कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि “कामतानाथ परिक्रमा मार्ग को आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, जनसुविधा केंद्र और गाइड सुविधा से सुसज्जित किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस विकास से स्थानीय रोजगार को गति मिलेगी और विंध्य क्षेत्र धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकेगा।
❖ दिव्यांगजनों के लिए संवेदनशील सरकार, सशक्तिकरण की नई पहल
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को भोपाल में आयोजित समारोह में दिव्यांगजनों को नियुक्तिपत्र, उपकरण एवं वित्तीय लाभ प्रदान कर सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश की। उन्होंने कहा,
“दिव्यांग कोई बोझ नहीं, बल्कि समाज की प्रेरणा हैं। हमारी सरकार उन्हें हर संभव सम्मान और अवसर देने को प्रतिबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दिव्यांगों के लिए 10 प्रतिशत सरकारी आरक्षण की पुष्टि करते हुए बताया कि
दिव्यांग युवाओं को निशुल्क कौशल प्रशिक्षण
बेरोजगार भत्ता योजना का विस्तार
हर जिले में दिव्यांग सहायता केंद्र की स्थापना
व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, और स्मार्ट स्टिक की मुफ्त सुविधा
इस पहल से सैकड़ों परिवारों को आजीविका का साधन मिलेगा और उन्हें समाज की मुख्यधारा में आत्मगौरव से जीने का अवसर प्राप्त होगा।
❖ रजिस्ट्री शुल्क में छूट: महिलाओं को स्वामित्व का अधिकार
मुख्यमंत्री ने एक और ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि अब महिलाओं के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर दो प्रतिशत शुल्क की छूट दी जाएगी।
उन्होंने कहा, “हम बहनों को मालिक बनाना चाहते हैं। जब ज़मीन उनके नाम होगी, तभी सच्चा सशक्तिकरण होगा।”
यह प्रावधान अब तक 15,000 से अधिक महिलाओं को लाभान्वित कर चुका है और राज्य सरकार का लक्ष्य अगले एक वर्ष में इसे 1 लाख परिवारों तक पहुँचाना है।
डॉ. मोहन यादव की रीवा ज़िले की यह यात्रा महज़ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विकास, सशक्तिकरण और समावेशी शासन की ठोस अभिव्यक्ति बनकर सामने आई है। महिलाओं से लेकर दिव्यांगों और किसानों से लेकर युवाओं तक—हर वर्ग के लिए योजनाओं की झड़ी ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार "सबका साथ, सबका विकास" के मूलमंत्र को यथार्थ में बदलने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है।




