रीवा में SP विवेक सिंह की 'रात्रिकालीन गश्त': गोलीकांड स्थल पर अलसुबह पहुंचे, निष्क्रिय पुलिसकर्मियों को लगाई फटकार
विंध्य वसुंधरा समाचार, रीवा मध्यप्रदेश
रीवा जिले में कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने रविवार की रात से लेकर सोमवार की सुबह तक लगातार निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने कई थानों की रात्रिकालीन गश्त व्यवस्था की हकीकत परखी और गढ़ थाना क्षेत्र के बहुचर्चित कटरा गोलीकांड स्थल पर तड़के पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मौके पर मिली लापरवाही और निष्क्रियता पर उन्होंने मौजूद पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट संदेश दिया कि "अब सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं, जमीनी नतीजे चाहिए।"
रात्रिकालीन चौकसी की हकीकत: SP की कड़ी नजर
SP विवेक सिंह ने 15 जून की रात मनगवां, गढ़, चाकघाट, सोहागी सहित कई थाना क्षेत्रों में औचक भ्रमण किया। पुलिस चौकियों की गश्त व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद जवानों की ड्यूटी पर तत्परता जांची और कुछ स्थानों पर कमियों को लेकर नाराज़गी भी जताई। इस निरीक्षण में उन्होंने रात्रिकालीन गश्त को महज औपचारिकता मानने वालों को चेतावनी दी कि अब "प्रभावशाली उपस्थिति और नतीजे देने वाली कार्रवाई ही मान्य होगी।"
🚨 सुबह 5 बजे पहुंचे गोलीकांड स्थल, दिए सख्त निर्देश
SP सिंह की कार्यशैली की गंभीरता इस बात से भी स्पष्ट है कि वे रविवार तड़के 5 बजे ही कटरा गोलीकांड की जगह पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का सूक्ष्म मुआयना किया और एसडीओपी मनगवां प्रतिभा शर्मा, गढ़ थाना प्रभारी अवनीश पांडे, तथा एएसआई एच.डी. वर्मा से घटना की विस्तृत जानकारी ली। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस की ढिलाई पर उन्होंने तत्काल नाराज़गी जताते हुए स्पष्ट कहा कि, "यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो घटना टल सकती थी।"
इसके बाद वे सीधे गढ़ थाने पहुंचे, जहां अपराधियों की धरपकड़, लंबित मामलों, वारंट तामील की स्थिति और थाने की लॉगबुक की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अब प्रत्येक अपराधी की गतिविधि पर नजर रखी जाए और हर आरोपी को समयबद्ध तरीके से न्याय की पकड़ में लाया जाए।
👮♂️ जिलेभर में अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज
SP विवेक सिंह के नेतृत्व में जिलेभर में गांजा, शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त गिरोहों पर लगातार कार्रवाई जारी है। वारंटियों और जमानती आरोपियों की धरपकड़ के लिए गठित टीमें रात-दिन सक्रिय हैं। हाल ही में कई मामलों में तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं और अवैध सामग्री बरामद की गई है।
रीवा के आईजी गौरव सिंह राजपूत ने भी पूरे संभाग में निर्देश जारी कर पुलिस को अपराधियों के विरुद्ध पूरी ताकत झोंकने के आदेश दिए हैं। उनका साफ कहना है, "अब अपराधियों को बचाने वाली कोई छूट या सिफारिश नहीं चलेगी।"
🗣️ जन संवाद को प्राथमिकता, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप बनी चुनौती
SP विवेक सिंह न केवल अपराध नियंत्रण में अग्रणी हैं, बल्कि वे पीड़ितों से सीधे संवाद कर समस्याएं भी सुनते हैं। कई बार उन्होंने घटनाओं की जानकारी समाचार पत्रों या स्थानीय मीडिया से मिलते ही स्वयं संज्ञान लिया और मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई की।
हालांकि, प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि उनकी सख्ती और निष्पक्ष कार्यशैली को कुछ राजनीतिक तत्व पसंद नहीं कर रहे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ मामलों में स्थानीय नेतृत्व द्वारा "अनावश्यक हस्तक्षेप" की कोशिशें की गईं, जो कानून-व्यवस्था सुधार के प्रयासों को कमजोर कर सकती हैं।
SP विवेक सिंह का यह रात्रिकालीन निरीक्षण अभियान रीवा जिले में पुलिसिंग की दिशा और दशा बदलने की मंशा का स्पष्ट संकेत है। उनकी तेज़ कार्रवाई, मौके पर उपस्थिति और जनता से संवाद की नीति ने न केवल महकमे में नई ऊर्जा भरी है, बल्कि आम नागरिकों में "पुलिस के प्रति विश्वास" भी बढ़ाया है।
अब देखना यह होगा कि उनकी यह पहल प्रशासनिक सहयोग और राजनीतिक समर्थन के साथ कितनी दूर तक जाती है — और क्या रीवा में वाकई अपराधियों की 'नस काटने' वाली रणनीति जमीन पर असर दिखा पाती है या नहीं।


