🔴 किराना दुकान की आड़ में 'नशे का गोरखधंधा'! रीवा पुलिस ने गुप्त तलघर से 83 सीसी नशीली कफ सिरप बरामद की, आरोपी गिरफ्तार
विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा/ मऊगंज
नशे के विरुद्ध ज़िले भर में चलाए जा रहे अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। सिटी कोतवाली पुलिस ने अमरैया टोला, निपनिया में एक किराना दुकान के भीतर बने गुप्त तलघर से 83 सीसी प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रीवा पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरती सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक राजीव पाठक के निर्देशन में, थाना प्रभारी निरीक्षक श्रृंगेश सिंह राजपूत के नेतृत्व में की गई।
👉 मुखबिर की सूचना पर दबिश, दुकान की टाइल हटाते ही खुला 'नशे का तहखाना'
सूत्रों से मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अमरैया टोला स्थित किराना दुकान पर छापा मारा। जब दुकान की तलाशी ली गई, तो फर्श पर लगी एक टाइल संदिग्ध नजर आई। जैसे ही उस टाइल को हटाया गया, नीचे एक छुपा हुआ तहखाना मिला, जिसमें भारी मात्रा में नशीली कफ सिरप छिपाकर रखी गई थी। पुलिस ने मौके से 83 सीसी प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त की और आरोपी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. अनीश मंसूरी, पिता मो. सत्तार मंसूरी (उम्र 48 वर्ष), निवासी बनिया तालाब, निपनिया, थाना सिटी कोतवाली, जिला रीवा के रूप में की गई है।
📌 NDPS व ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत मामला दर्ज, भेजा गया न्यायालय
आरोपी के विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 415/2025 अंतर्गत धारा 8, 21, 22 एनडीपीएस एक्ट एवं 5/13 ड्रग कंट्रोल अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
🚨 पुलिस टीम की सजगता और साहसिक कार्यवाही
इस कार्रवाई में सिटी कोतवाली पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका उल्लेखनीय रही। निरीक्षक श्रृंगेश सिंह राजपूत, सहायक उपनिरीक्षक तामेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक धर्मेन्द्र द्विवेदी एवं अनिल विश्वकर्मा, आरक्षक ओमकार त्रिपाठी, वेदप्रकाश मिश्रा, जितेन्द्र तिवारी, सागर गौतम एवं महिला आरक्षक गोल्डी सिंह ने पूरे समर्पण और रणनीतिक कुशलता के साथ कार्यवाही को अंजाम दिया।
📣 प्रशासन का स्पष्ट संदेश: नशे के सौदागरों को बख्शा नहीं जाएगा
रीवा पुलिस की यह कार्यवाही एक सख्त संदेश देती है कि जिले में नशे का कारोबार करने वालों की अब खैर नहीं। ऐसे माफिया चाहे किसी भी रूप में छिपे हों – चाहे वह दुकान के तहखाने में हों या राजनीतिक संरक्षण में – प्रशासन उन्हें खोज निकालने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

