एक साल पुराने जघन्य हत्याकांड का मऊगंज पुलिस ने किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
रीवा संभाग के मऊगंज जिले के थाना नईगढ़ी क्षेत्र में एक वर्ष पूर्व हुए नाबालिग युवक की जघन्य हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सटीक साक्ष्यों और सुनियोजित पूछताछ के आधार पर इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया है।
यह कार्रवाई मऊगंज पुलिस अधीक्षक श्री दिलीप कुमार सोनी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह परिहार एवं एसडीओपी श्रीमती सिचि पाठक के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी उप निरीक्षक जगदीश सिंह ठाकुर के नेतृत्व में की गई। इस सफलता में उनकी टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भी अहम भूमिका रही।
❖ क्या था मामला
थाना नईगढ़ी अंतर्गत ग्राम देवरी सेंगरान निवासी सुमित शर्मा पिता सुभाष चंद्र शर्मा (उम्र 17 वर्ष) 15 अगस्त 2024 की रात करीब 9 बजे किसी का फोन आने पर घर से निकला था। परिजन जब कुछ देर बाद संपर्क करने की कोशिश करने लगे तो उसका मोबाइल बंद मिला। अगले दिन सुबह करीब 7 बजे उसका शव घर से लगभग 300 मीटर दूर गंभीर चोटों के साथ बरामद हुआ था। शव देखकर साफ अंदाजा लगाया गया कि उसकी हत्या बेहद क्रूरता से की गई है।
❖ एक साल तक चलती रही जांच
पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर मर्ग कायम किया और जांच शुरू की, किंतु शुरुआती महीनों तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया। हालांकि पुलिस ने हर संभावित एंगल से जांच जारी रखी। एक वर्ष की सतत निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने पुनः गांव के आसपास संदिग्धों की पहचान और पूछताछ का सिलसिला शुरू किया।
❖ प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
पूछताछ के दौरान सामने आया कि मृतक सुमित शर्मा का पड़ोस की एक युवती से प्रेम संबंध था, जिसका विरोध युवती के परिजन कर रहे थे। बार-बार समझाइश के बावजूद जब सुमित पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ, तो युवती के परिवारजनों ने साजिश के तहत उसकी हत्या करने की योजना बनाई।
आरोपियों ने योजना के अनुसार सुमित को फोन करके घर बुलाया। पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसे कमरे में बुलाकर पकड़ लिया और चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या को छिपाने के उद्देश्य से शव के हाथ-पैरों को गर्म रॉड से जलाया गया, ताकि पहचान में कठिनाई हो।
❖ शव ठिकाने लगाने के प्रयास में आए पकड़
हत्या के बाद आरोपी मृतक के शव को बहुती की ओर कचरा फेंकने के बहाने ले जा रहे थे, तभी गांव के कुछ लोगों की नजर उन पर पड़ी। ग्रामीणों को देखकर आरोपी शव को खेत में फेंककर भाग खड़े हुए। पुलिस ने जब इन बिंदुओं पर जांच केंद्रित की, तो सभी तथ्य इन पर जाकर टिकने लगे। कड़ाई से पूछताछ के बाद आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
❖ गिरफ्तार आरोपी
1. दुर्गेश तिवारी पिता भास्कर दत्त तिवारी, उम्र 27 वर्ष
2. अर्पित त्रिपाठी पिता चंद्रप्रताप त्रिपाठी, उम्र 20 वर्ष
3. अमित त्रिपाठी पिता चंद्रप्रताप त्रिपाठी, उम्र 18 वर्ष
(सभी निवासी – ग्राम देवरी सेंगरान, थाना नईगढ़ी, जिला मऊगंज)
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
❖ पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी उनि जगदीश सिंह ठाकुर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम का विशेष योगदान रहा। इस टीम में सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र मिश्रा, प्रधान आरक्षक राकेश सिंह, आरक्षक दिवाकर सिंह, अविनाश सिंह, प्रकाश कुशवाहा, तथा एसडीओपी कार्यालय से आरक्षक धर्मराज की भूमिका सराहनीय रही।

