सरकारी सिस्टम में घुल रहा ज़हर: कटरा मुख्यालय में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर ऑफिस में ही पी रहा था कोरेक्स, JE के चेंबर को बना दिया नशे का अड्डा!
📍 रीवा जिला – कटरा मुख्यालय से विशेष रिपोर्ट
रीवा जिले के कटरा जनपद पंचायत कार्यालय से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने न केवल सरकारी कार्यालयों की कार्यसंस्कृति को शर्मसार किया है, बल्कि शासन-प्रशासन की निष्क्रियता और लचर नियंत्रण प्रणाली पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
यहां पदस्थ एक आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर रिंकू पटेल, पिता कामता पटेल, निवासी ग्राम महुअरिया, को कार्यालय के भीतर ही नशीली कफ सिरप (कोरेक्स) के सेवन करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। और ये भी कोई सामान्य जगह नहीं, जनपद कार्यालय के JE (जूनियर इंजीनियर) के सरकारी चैंबर में दरवाजा बंद कर बैठा था यह कर्मचारी, जहां से उसके बैग में कई शीशियाँ भी बरामद हुई हैं।
कार्यालय को बना दिया नशाखोरी का केंद्र
स्थानीय कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने जब इस युवक की गतिविधियों पर शक जताया तो देखा गया कि वह जेई कक्ष में कोरेक्स सिरप का सेवन कर रहा था। बाहर निकालने पर उसके बैग की तलाशी ली गई, तो नशीली सिरप की कई खाली और भरी बोतलें बरामद हुईं। यह कोई एक दिन की करतूत नहीं लगती — स्थानीय सूत्रों के अनुसार वह लंबे समय से इस आदत का शिकार है और कार्यकाल के दौरान कई बार संदिग्ध अवस्था में देखा गया है।
प्रशासनिक संरक्षण या लापरवाही?
सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या कार्यालयीन व्यवस्था इतनी पंगु हो चुकी है कि एक आउटसोर्स कर्मचारी नशीली सामग्री लाकर दफ्तर में खुलेआम उसका सेवन कर सकता है और किसी को भनक भी न लगे? या फिर यह पूरी घटना उन जिम्मेदारों की मौन सहमति और संरक्षण का परिणाम है जो आंख मूंदे बैठे हैं?
क्या JE ने कभी इस पर सवाल नहीं उठाया?
क्या जनपद सीईओ को इसके व्यवहार की जानकारी नहीं थी?
क्यों नहीं की गई अब तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट या FIR?
आरोपी का पारिवारिक सरकारी बैकग्राउंड भी सवालों में
उल्लेखनीय है कि आरोपी रिंकू पटेल के पिता स्वयं शासकीय लाइनमैन रहे हैं और अब सेवानिवृत्त हैं। ऐसे में परिवार से मिलने वाले सामाजिक और प्रशासनिक अनुशासन की अपेक्षा तो अधिक थी, लेकिन बेटे की इस करतूत ने पूरे विभाग की गरिमा पर धब्बा लगा दिया है।
जनदबाव के बिना नहीं होगी कार्रवाई?
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिससे आम नागरिकों में भारी आक्रोश है। बावजूद इसके अब तक न कोई प्रशासनिक बयान सामने आया, न ही पुलिस या पंचायत विभाग ने किसी ठोस कार्यवाही की घोषणा की है। यह चुप्पी अब संदिग्ध होती जा रही है।
🔴 जनहित की माँगें
1. आरोपी रिंकू पटेल को तत्काल सेवा से निलंबित कर FIR दर्ज की जाए।
2. NDPS एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाए — ताकि यह महज विभागीय जांच में न दबा दिया जाए।
3. जनपद कार्यालय परिसर और JE चैंबर की CCTV रिकॉर्डिंग जब्त कर जांच की जाए।
4. JE समेत संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी विधिवत जांच हो — क्या यह अकेले का अपराध है या नेटवर्क?



