मऊगंज में खाद संकट को लेकर कांग्रेस का हल्ला, पूर्व विधायक ने दी आंदोलन की चेतावनी
खेती-किसानी के सीजन में जहां किसान अपनी फसल बचाने के लिए हर मोर्चे पर संघर्ष कर रहे हैं, वहीं खाद की किल्लत, जले हुए ट्रांसफार्मर और भारी-भरकम बिजली बिल ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। इन्हीं मुद्दों को लेकर बुधवार को कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर रीवा से मुलाकात कर त्वरित समाधान की मांग उठाई।
इस मौके पर पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना और हाल ही में नियुक्त कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरीलाल कोल के साथ दर्जनभर पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जिले में किसानों की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि
खाद की भारी कमी के कारण किसान परेशान हैं।
कई गांवों में ट्रांसफार्मर महीनों से जले पड़े हैं, जिससे सिंचाई ठप है।
बिजली बिलों में अत्यधिक राशि वसूली जा रही है, जिससे किसान कर्ज तले दबते जा रहे हैं।
आवारा मवेशियों से फसलों को भारी नुकसान हो रहा है।
कलेक्टर से मुलाकात के बाद पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने कहा—
“आज हालात इतने खराब हैं कि किसान पैसे लेकर भी खाद के लिए तड़प रहा है। पहले सोसाइटियों में खाद सहज उपलब्ध रहती थी, लेकिन अब किसान एक-एक बोरी के लिए भटक रहा है। बीते 20 सालों में किसानों की ऐसी दुर्दशा मैंने नहीं देखी।”
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार किसानों, युवाओं और आम जनता की समस्याओं को नज़रअंदाज़ कर रही है।
“यह वोट चोरी की सरकार है, ईवीएम की सरकार है। जबसे भाजपा सत्ता में आई है, हर वर्ग की हालत खराब हो गई है। न खाद है, न ट्रांसफार्मर, ऊपर से भारी बिजली बिल – आखिर किसान जिए कैसे?”
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर जन आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे।

