समग्र ई-केवाईसी में लापरवाही पर कलेक्टर प्रतिभा पाल की सख्ती जिले की पाँच जनपद पंचायतों के सीईओ को कारण बताओ नोटिस, तीन दिन में देना होगा जवाब
शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में शामिल समग्र ई-केवाईसी को लेकर रीवा जिले में गंभीर लापरवाही सामने आई है। निर्धारित समय सीमा में काम पूरा न होने पर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बड़ा कदम उठाते हुए पाँच जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कलेक्टर ने नोटिस में कहा है कि 15 अगस्त तक समग्र ई-केवाईसी का शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करना अनिवार्य था। इस लक्ष्य को लेकर हर टीएल बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद पाँचों जनपद पंचायतों ने अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई। कलेक्टर ने इसे कर्तव्यों की घोर उपेक्षा, प्रशासनिक लापरवाही और स्वेच्छाचारिता करार देते हुए तीन दिन में जवाब तलब किया है।
📌 समय पर काम न करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी
कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि सभी संबंधित अधिकारी तीन दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि समय सीमा में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ तो एकतरफा अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी, जिसके लिए अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
📌 आमजन को योजनाओं से वंचित कर रहा ढीला रवैया
कलेक्टर ने अपने नोटिस में कहा कि जनपद स्तर पर समग्र रजिस्टर को अद्यतन रखना सीईओ की जिम्मेदारी है। लेकिन लापरवाही के चलते हजारों पात्र हितग्राही शासन की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं।
ई-केवाईसी लंबित रहने से न केवल योजनाओं का लाभ अटक रहा है, बल्कि सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायतों का ढेर लग गया है। कलेक्टर ने इसे बेहद गंभीर स्थिति बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को सीधे कटघरे में खड़ा किया है।
📊 किस जनपद में कितना काम अधूरा?
जनपद पंचायत जवा
सीईओ: सुलाभ सिंह पुशाम
शेष ई-केवाईसी: 43%
लंबित शिकायतें: 38
जनपद पंचायत सिरमौर
सीईओ: हरिश्चन्द्र द्विवेदी
शेष ई-केवाईसी: 28%
लंबित शिकायतें: 31
जनपद पंचायत त्योंथर
सीईओ: प्रवीण बंसोड
शेष ई-केवाईसी: 38%
लंबित शिकायतें: 28
जनपद पंचायत गंगेव
सीईओ: प्राची चौबे
शेष ई-केवाईसी: 40%
लंबित शिकायतें: 41
जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान
सीईओ: संजय कुमार सिंह
शेष ई-केवाईसी: 39%
लंबित शिकायतें: 79
📌 कलेक्टर का सख्त संदेश
कलेक्टर प्रतिभा पाल की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि शासन की प्राथमिक योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समग्र ई-केवाईसी सीधे तौर पर आम नागरिकों को योजनाओं से जोड़ने का आधार है। इसमें ढिलाई का अर्थ है गरीब, किसान और पात्र हितग्राहियों को उनके अधिकार से वंचित करना। यही कारण है कि कलेक्टर ने अधिकारियों को नोटिस देकर स्पष्ट कर दिया है कि अब जवाबदेही तय होगी और लापरवाहों पर कार्रवाई निश्चित है।

