📰 रीवा के क्योटी जलप्रपात में बड़ा हादसा : स्नान करने आई मां-बेटी की दर्दनाक जलसमाधि, सुरक्षा इंतज़ामों पर उठे सवाल
रीवा। जिले का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल क्योटी जलप्रपात मंगलवार को एक बार फिर से दर्दनाक हादसे का गवाह बना। यहां स्नान करने आई ग्राम पंचायत दूलहरा की मां-बेटी नदी के तेज बहाव में बहकर गहराई में बने कूड़ा में जा समाई। हादसा इतना भयावह था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
कैसे हुआ हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक, तीज त्यौहार पर मंगलवार 26 अगस्त 2025 की सुबह लगभग 4 बजे मां-बेटी मोनी अमावस्या स्नान करने के लिए क्योटी जलप्रपात पहुंचीं थीं। स्नान के दौरान अचानक मां का पैर फिसल गया और वह तेज बहाव में बहने लगीं। मां को डूबते देख बेटी भी उन्हें बचाने के लिए पानी में कूद गई, लेकिन वह भी धार की चपेट में आ गई। कुछ ही पलों में दोनों महिलाएं बहकर करीब 200 फीट नीचे कूड़ा में समा गईं।
शव नहीं निकाले जा सके
हादसे की खबर मिलते ही परिवारजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम तुरंत पहुंची और दोनों महिलाओं की शिनाख्त की। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद कुछ देर में दोनों शव पानी की सतह पर नजर आए। लेकिन जलप्रपात की खाई गहरी होने और अंधेरा हो जाने के कारण शवों को मंगलवार को बाहर नहीं निकाला जा सका।
लगातार हो रहे हादसे
क्योटी जलप्रपात प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जितना मशहूर है, उतना ही हादसों के लिए भी बदनाम होता जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में यहां कई पर्यटक और स्थानीय लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बावजूद इसके सुरक्षा व्यवस्था नगण्य है।
न तो जलप्रपात क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात रहते हैं।
न ही किसी तरह के बैरिकेड या चेतावनी बोर्ड प्रभावी ढंग से लगाए गए हैं।
स्थानीय प्रशासन केवल हादसे के बाद हरकत में आता है।
सवाल प्रशासन पर
बार-बार होने वाले हादसों के बाद भी प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जब यह क्षेत्र लगातार संवेदनशील माना जाता है, तो वहां स्थायी रेस्क्यू टीम, गोताखोर और सुरक्षा गश्त क्यों नहीं होती? क्या प्रशासन सिर्फ हादसे के बाद खानापूर्ति के लिए पहुंचता रहेगा?
स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्योटी जलप्रपात पर बड़ी संख्या में पर्यटक और ग्रामीण आते हैं। ऐसे में यहां सुरक्षा के ठोस इंतजाम होना जरूरी है। अगर समय रहते सुरक्षा कर्मी और रेस्क्यू टीम मौके पर रहती तो मां-बेटी की जान बच सकती थी।



