ग्राम पंचायत रामपुर में आयोजित हुआ वित्तीय साक्षरता सैचुरेशन कैंप
आरबीआई अधिकारी की विशेष मौजूदगी में ग्रामीणों को दी गई बैंकिंग, बीमा और साइबर सुरक्षा की व्यापक जानकारी
नईगढ़ी मऊगंज (विंध्य वसुंधरा समाचार)।
वित्तीय समावेशन को गति देने एवं ग्रामीणों को बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत रामपुर में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता सैचुरेशन कैंप का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भारतीय रिज़र्व बैंक, भोपाल के एलडीओ विनय मोरे ने विशेष रूप से भाग लिया।
इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत नागरिकों को बैंकिंग प्रक्रियाओं, सरकारी बीमा योजनाओं, डिजिटल भुगतान की सुरक्षा, तथा साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट काउंसलर संतोष कुमार मिश्रा (आरोह फाउंडेशन) ने किया।
जनधन खाते, री-केवाईसी और डिजिटल जागरूकता पर विशेष जोर
कार्यक्रम में सर्वप्रथम ग्रामीणों का अधिकारियों से परिचय कराते हुए वित्तीय साक्षरता की मूल अवधारणाओं पर चर्चा की गई। बताया गया कि बैंक खाता खुलवाना, उसमें आधार और मोबाइल नंबर लिंक कराना, समय-समय पर केवाईसी अपडेट करना क्यों आवश्यक है।
एलडीओ विनय मोरे ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा,
"सरकार द्वारा जनधन योजना के अंतर्गत खोले गए लाखों खातों में से कई निष्क्रिय पड़े हैं, जिनमें कोई लेनदेन नहीं हुआ है। इन खातों को फिर से सक्रिय करना आवश्यक है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक सीधे पहुंच सके।"
उन्होंने आगे कहा कि कई नागरिकों की री-केवाईसी प्रक्रिया अधूरी है, जिसके कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। ऐसे सभी खाताधारकों से आग्रह किया गया कि वे किसी भी नजदीकी कियोस्क सेंटर या बैंक शाखा में जाकर जल्द से जल्द री-केवाईसी पूरी करें। इसके लिए ग्राम पंचायत को लंबित खातों की सूची भी उपलब्ध कराई गई है।
बीमा योजनाएं और पेंशन स्कीम की जानकारी से ग्रामीण हुए लाभान्वित
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) के बारे में भी ग्रामीणों को विस्तृत जानकारी दी गई। यह बताया गया कि मात्र 12 रुपए और 330 रुपए वार्षिक प्रीमियम में आम नागरिक दुर्घटना बीमा और जीवन बीमा की सुरक्षा प्राप्त कर सकता है।
वक्ताओं ने यह भी बताया कि पेंशन योजनाओं के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद मासिक पेंशन प्राप्त करने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
साइबर फ्रॉड से बचाव के उपायों पर भी दिया गया प्रशिक्षण
डिजिटल लेन-देन के बढ़ते चलन को देखते हुए ग्रामीणों को एटीएम कार्ड, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई आदि से लेन-देन करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई। विशेष रूप से यह बताया गया कि पासवर्ड, पिन, ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें, चाहे वह जान-पहचान का व्यक्ति ही क्यों न हो।
अधिकारियों और संस्थाओं की रही सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर मैनेजर एमजीबी मऊगंज प्रदीप कुमार, एमजीबी नईगढ़ी से आदित्य मधुकर मीना, आरसेटी मऊगंज के डायरेक्टर महेन्द्र मिश्रा, आशा सुपरवाइज़र रीना सिंह, कियोस्क संचालक विकास पटेल, संजय मिश्रा, अनीश साहू, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, आशा कार्यकर्ता एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधि सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
ग्रामवासियों की सहभागिता उल्लेखनीय रही। बड़ी संख्या में लोग आधार कार्ड लेकर उपस्थित हुए और मौके पर ही अपनी री-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण कराई।

