कृष विभाग की बड़ी कार्यवाही गढ़ (Garh) में दो खाद विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द और निलंबित, अमानक उर्वरक बेचने वालों पर प्रशासन का कड़ा प्रहार,
" किसान का हक, अब नहीं होगा ठगों के हवाले!”
विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा मध्यप्रदेश
जांच, जब्ती और एफआईआर — कृषि विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई से मच गया हड़कंप, अब नहीं चलेगा खाद के नाम पर धोखा
रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र में अमानक और अवैध उर्वरक बिक्री के खिलाफ प्रशासन ने ऐसा शिकंजा कसा है कि पूरे खाद कारोबार में हड़कंप मच गया है। दो खाद विक्रेताओं के लाइसेंस या तो निलंबित कर दिए गए हैं या स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए हैं।
यह कार्रवाई न सिर्फ एक कानूनी कार्रवाई है, बल्कि एक स्पष्ट संदेश है—
“जो किसान के हक से खिलवाड़ करेगा, वो खाद नहीं बेचेगा, कानून का सामना करेगा।”
🌾 मामला 1 — मेसर्स इन्द्रलाल गुप्ता, गढ़, विकासखंड गंगेव
कृषि विभाग ने खाद की गुणवत्ता की जांच के लिए सिंघन सुपर फॉस्फेट का नमूना लिया था, जो प्रयोगशाला सागर में अमानक पाया गया।
नोटिस देने के बावजूद जवाब नहीं देने पर विभाग ने लाइसेंस क्रमांक RS/430/1404/16/2025 को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
बचा हुआ स्टॉक 30 दिनों के भीतर नष्ट करने या विभाग के निर्देशानुसार निपटाने का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
🚛 मामला 2 — मेसर्स विकास ट्रेडिंग कंपनी, प्रोपाइटर विकास गुप्ता गढ़, तहसील मनगवां
08 जून 2025 को चोरहटा पुलिस ने गढ़ थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान एक ट्रक में भारी मात्रा में उर्वरक पकड़ा, जो बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन किया जा रहा था।
इस मामले में अपराध क्रमांक 0313/08.06.2025 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
जांच में पुष्टि हुई कि यह उर्वरक विकास ट्रेडिंग कंपनी के नाम से भेजा जा रहा था।
दोष सिद्ध होने पर लाइसेंस क्रमांक RS/430/1401/65/2024 (वैधता 16 जुलाई 2021 से 15 जुलाई 2029) को आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया गया है।
⚠️ प्रशासन की चेतावनी: “किसानों के साथ धोखा करने वालों को अब जेल भी होगी और धंधा भी बंद होगा”
अनुज्ञापन अधिकारी (उर्वरक) और उपसंचालक कृषि ने चेताया है कि —
"अब कोई भी व्यापारी किसान को घटिया, नकली या अमानक खाद बेचकर बच नहीं पाएगा। हर पैकेट की निगरानी होगी, हर बिक्री का हिसाब देना होगा।"
किसानों और आमजनों से अपील की गई है:
अगर किसी भी खाद दुकानदार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। नाम गोपनीय रखा जाएगा और कार्रवाई तुरंत की जाएगी।
✅ किसानों के लिए लड़ाई का नया अध्याय — खाद के नाम पर ठगी नहीं, सम्मान चाहिए!
प्रशासन की इस कार्रवाई ने उन हजारों किसानों को आवाज दी है, जिनके साथ अब तक खाद के नाम पर धोखा होता रहा।
अब किसान जान चुके हैं कि —
“अगर आवाज उठाई जाए तो प्रशासन साथ देता है, और ठगों के खिलाफ दीवार बनकर खड़ा होता है।”
📌 नकली उर्वरकों पर और भी कार्रवाई तय, जिला स्तर पर निगरानी तेज
सूत्रों की मानें तो कई और दुकानदारों के खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं। कृषि विभाग की टीमें गुप्त जांच में लगी हैं और आने वाले दिनों में जिलेभर में और भी लाइसेंस रद्द हो सकते हैं।
यह साफ संकेत है कि अब किसान की खेती से जुड़ा हर मुद्दा सरकारी प्राथमिकता में है, और अवैध व्यापारियों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है।



