प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में बनेंगे व्यवस्थित श्मशान घाट 5वें राज्य वित्त आयोग मद से होगा निर्माण, पंचायतों को मिले दिशा-निर्देश
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में एक बड़ी पहल करते हुए घोषणा की है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 तक राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत और उससे जुड़े आश्रित ग्रामों में व्यवस्थित एवं सुरक्षित श्मशान घाटों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं और सभी जिला कलेक्टरों एवं जिला पंचायत सीईओ को कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी तय
जारी आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, पंचायत समन्वय अधिकारी तथा उपयंत्री जिम्मेदार होंगे। वहीं जनपद स्तर पर सहायक यंत्री, कार्यक्रम अधिकारी/सीईओ जनपद पंचायत एवं खंड पंचायत अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। जिला स्तर पर कार्यपालन यंत्री (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा), अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत/परियोजना अधिकारी तथा पंचायत सेल से संबंधित अधिकारी इस कार्य की निगरानी करेंगे।
हर गांव में होगी आधारभूत सुविधाएं
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन के लिए सम्मानजनक अंतिम संस्कार व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सालभर निर्बाध पहुंच वाले श्मशान घाट का निर्माण कराया जाएगा।
इसके लिए तय किया गया है कि—
प्रत्येक ग्राम पंचायत राजस्व अभिलेखों से यह पता लगाएगी कि किन ग्रामों में पहले से श्मशान घाट के लिए भूमि आरक्षित है और कहां नहीं है।
श्मशान भूमि का अतिक्रमण मुक्त होना अनिवार्य होगा।
पूरी तरह फेंसिंग की जाएगी।
श्मशान घाट तक पहुँचने के लिए पक्की एवं सालभर चलने योग्य सड़क उपलब्ध कराई जाएगी।
सम्मानजनक विदाई सुनिश्चित करने की पहल
ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से श्मशान घाटों की अव्यवस्थित स्थिति को लेकर लोगों की शिकायतें सामने आती रही हैं। कहीं अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचने के रास्ते नहीं होते तो कहीं बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहता है। सरकार की यह पहल ग्रामीण जनता को न केवल राहत देगी बल्कि अंतिम संस्कार जैसी गंभीर प्रक्रिया को सम्मानजनक ढंग से सम्पन्न करने में सहायक होगी।
इस योजना के तहत 5वें राज्य वित्त आयोग की अधोसंरचना विकास मद से राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि 2025-26 के अंत तक प्रदेश का कोई भी गांव ऐसा न रहे जहां अंतिम संस्कार के लिए व्यवस्थित स्थल उपलब्ध न हो।

