रीवा में खाद वितरण केंद्र पर भगदड़, दर्जनभर से अधिक किसान घायल महिलाएं बेहोश हुईं, प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
रीवा जिले के सिरमौर जनपद अंतर्गत उमरी खाद वितरण केंद्र पर मंगलवार सुबह खाद वितरण के दौरान हालात बेकाबू हो गए। यूरिया और डीएपी के लिए घंटों से कतार में खड़े किसानों की भीड़ अचानक टूट पड़ी और देखते ही देखते भगदड़ मच गई। इस हादसे में आधा दर्जन से अधिक महिलाएं व पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई महिलाएं बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं।
घटना के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिरमौर भेजा गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।
सुबह से जुटी थी भीड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह से ही हजारों किसान खाद केंद्र पर कतार लगाए खड़े थे। लंबे इंतजार और टोकन वितरण में देरी ने लोगों में बेचैनी बढ़ा दी। जैसे ही खाद वितरण की प्रक्रिया शुरू हुई, किसान तेजी से आगे बढ़ने लगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने से अचानक धक्कामुक्की शुरू हो गई और हालात बिगड़कर भगदड़ में बदल गए।
महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी
इस भगदड़ में घायल हुए किसानों में कई महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। कई महिलाओं को तेज धूप और भीड़ के दबाव में चक्कर आ गया। वहीं जमीन पर गिरने से कई पुरुषों को हाथ-पैर में चोटें आईं। लोगों ने बताया कि यदि समय रहते प्रशासन सक्रिय नहीं होता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
किसानों का आक्रोश
घटना के बाद किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा हर साल खाद वितरण के समय अव्यवस्था देखने को मिलती है।
एक किसान ने आक्रोश जताते हुए कहा – “हम सुबह 4 बजे से लाइन में लगे थे। लेकिन अधिकारी और समिति प्रबंधक समय पर नहीं पहुंचे। भीड़ बढ़ती रही और पुलिस भी नहीं थी। आखिरकार भगदड़ मच गई और लोग घायल हो गए।”
प्रशासन का सफाई बयान
हादसे के बाद सिरमौर एसडीएम और सहकारी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों का हालचाल लिया और भविष्य में बेहतर व्यवस्था का आश्वासन दिया। प्रशासन ने कहा कि अब से हर केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती, टोकन प्रणाली में पारदर्शिता और खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसान सुरक्षित और सहज रूप से खाद प्राप्त कर सकें।
बड़ा सवाल – हर साल क्यों दोहराई जाती है लापरवाही?
रीवा सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में खाद वितरण के समय अव्यवस्था कोई नई बात नहीं है। हर
सीजन में लंबी कतारें, टोकन की कालाबाजारी और सुरक्षा व्यवस्था की कमी से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इस बार फिर वही हालात दोहराए गए, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

