नवरात्र पर अष्टभुजा धाम मंदिर में रहेगी तीसरी आँख की निगरानी
कलेक्टर एवं एसपी ने लिया मेले की व्यवस्थाओं का जायजा, विभागों को सौंपी जिम्मेदारियां
शारदीय नवरात्रि पर्व पर अष्टभुजा धाम मंदिर में उमड़ने वाली भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को लेकर पुख्ता तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त बैठक कर संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंपीं। इस दौरान यह स्पष्ट कर दिया गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंदिर परिसर व आसपास क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, पुलिस बल की तैनाती और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतज़ाम किए जा रहे हैं।
विभागों को सौंपी गई अलग-अलग जिम्मेदारियां
बैठक में प्रशासन ने सभी विभागों को उनकी भूमिकाएं स्पष्ट कर दीं।
- पुलिस विभाग को सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन का दायित्व सौंपा गया।
- स्वास्थ्य विभाग को मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में एंबुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र और मेडिकल स्टाफ की तैनाती का निर्देश दिया गया।
- पीडब्ल्यूडी व नगरीय निकाय को सड़कों की मरम्मत, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और अस्थायी शौचालयों की जिम्मेदारी दी गई।
- विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और जनरेटर बैकअप की तैयारी रखने को कहा गया।
- परिवहन विभाग को श्रद्धालुओं की सुविधानुसार बसों की उपलब्धता और पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश मिला।
तीसरी आँख रखेगी नजर
मंदिर परिसर और मुख्य प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। नियंत्रण कक्ष से इनकी 24 घंटे मॉनिटरिंग होगी। प्रशासन का मानना है कि तकनीक की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। साथ ही महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर महिला पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
भीड़ प्रबंधन पर रहेगी कड़ी नजर
नवरात्र के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु अष्टभुजा धाम पहुंचते हैं। इस बार प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, एक तरफ से प्रवेश और दूसरी ओर से निकास की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। VIP और सामान्य श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई जाएंगी।
मूर्ति विसर्जन के समय रहेगी चौक-चौबंद व्यवस्था
नवरात्र के समापन पर होने वाले मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान प्रशासन ने विशेष रणनीति बनाई है। विसर्जन मार्ग पर पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती होगी। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। नगर निगम को विसर्जन घाटों की सफाई व रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि
बैठक में कलेक्टर ने साफ कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पर्याप्त पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा और यातायात व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समय पर अपनी तैयारियों को पूर्ण करें और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होगी।

