गढ़ थाना क्षेत्र में चोरों का आतंक — तीन दिनों से लगातार हो रही चोरी, क्षेत्र में फैला दहशत का माहौल
गढ़ थाना क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार चोरी की घटनाओं ने लोगों की नींद हराम कर दी है। चोरों ने खुलेआम पुलिस को चुनौती देते हुए घरों और दुकानों को निशाना बनाया है। एक के बाद एक वारदातों से क्षेत्र की जनता भय और असुरक्षा के साए में जी रही है।
अमिलिया में 8 लाख की चोरी
ताजा घटना ग्राम अमिलिया की है। यहाँ के निवासी रामराज पटेल पिता रामपियारे पटेल ने बताया कि 24 एवं 25 सितंबर की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने उनके घर की दीवार तोड़कर घुसपैठ की और करीब 8 लाख रुपये कीमत का सामान पार कर दिया। पीड़ित परिवार ने इसकी लिखित शिकायत गढ़ थाने में आवेदन देकर दर्ज कराई है।
तीन दिनों में कई वारदातें
पिछले 72 घंटों में गढ़ थाना क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में चोरी की कई घटनाएँ सामने आई हैं।
कहीं घरों के ताले तोड़े गए।
कहीं दुकानों से नगद और सामान पार कर दिया गया।
तो कहीं गोदामों और खेतों से औजार व मशीनरी गायब कर दी गई।
लगातार हो रही घटनाओं से यह साफ है कि चोर गिरोह सक्रिय हैं और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनता में नाराजगी और भय
ग्रामीणों का कहना है कि मेहनत की कमाई एक ही रात में लुट जाती है। सुबह जब परिवारजन उठते हैं, तो केवल टूटी दीवारें और खाली अलमारियां उनके सामने बचती हैं। कई लोग कहते हैं कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कार्रवाई कछुआ गति से होती है, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं।
अपराध के पीछे के कारण
स्थानीय लोगों और जानकारों के अनुसार:
क्षेत्र में सक्रिय कुछ स्थानीय व बाहरी गिरोह चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
नशे की लत और बेरोजगारी सबसे बड़ा कारण है, क्योंकि कई युवक नशे की पूर्ति हेतु चोरी करते हैं।
थानों में पुलिस बल की भारी कमी है। लगातार बढ़ती जनसंख्या और घरों की संख्या के अनुपात में गश्त और निगरानी कमजोर पड़ रही है।
पुलिस के लिए चुनौती
लगातार तीन दिनों की वारदातों के बाद क्षेत्रवासी अब पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक सक्रिय गिरोहों पर नकेल नहीं कसी जाएगी और रात में गश्त नहीं बढ़ेगी, तब तक गढ़ थाना क्षेत्र में शांति लौटना मुश्किल है।


