गंगेव बाजार में भीषण आग, लाखों का सामान जलकर खाक
लापरवाही से फायर ब्रिगेड पहुँची दो घंटे देर से, ग्रामीणों ने बचाया अन्य दुकानों को आग की चपेट में आने से
रीवा। मनगवां थाना अंतर्गत गंगेव बाजार में शनिवार देर रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गंगेव उप तहसील कार्यालय के सामने स्थित लक्ष्मी साड़ी कलेक्शन नामक कपड़ों की दुकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग इतनी भीषण हो गई कि पूरे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार यह दुकान मोहित गुप्ता एवं उनके पिता अनूप कुमार गुप्ता संयुक्त रूप से संचालित करते थे। बीती रात लगभग 11 बजे अचानक दुकान के भीतर से धुआँ उठता देखा गया। जब स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना दुकान संचालक को दी और शटर खोला गया, तभी आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया। तेज लपटें दुकान के बाहर तक निकल आईं और ऐसा प्रतीत होने लगा कि आसपास की अन्य दुकानें भी इसकी चपेट में आ जाएँगी।
ग्रामीणों ने दिखाया साहस
फायर ब्रिगेड की टीम समय पर नहीं पहुँची, जिससे स्थानीय लोगों ने ही आग पर काबू पाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने अथक प्रयासों से आग को फैलने से रोका और दोनों ओर स्थित दुकानों को जलने से बचा लिया। हालांकि, लक्ष्मी साड़ी कलेक्शन के भीतर रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस अग्निकांड से दुकान संचालकों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
फायर ब्रिगेड की लापरवाही उजागर
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गंगेव बाजार से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुँचने में पूरे दो घंटे का समय लग गया। इस देरी ने दुकान में रखे कपड़ों और अन्य सामग्री को पूरी तरह नष्ट कर दिया। स्थानीय व्यापारियों ने इस लापरवाही पर कड़ा आक्रोश जताया है और फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
प्रशासन ने किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलते ही मनगवां थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह धाकड़ और गंगेव चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह तोमर पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से आग बुझाने में मदद की और पूरे हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को शासन-प्रशासन स्तर से हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया।
व्यापारियों में दहशत, माँग उठी सुरक्षा उपायों की
इस घटना के बाद से गंगेव बाजार के व्यापारियों में भय और चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो पूरा बाजार खाक हो सकता था। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार क्षेत्र में फायर सेफ्टी उपकरणों की अनिवार्य व्यवस्था की जाए और फायर ब्रिगेड की तत्परता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

