खाद की कालाबाजारी पकड़ने एसडीएम बनी ग्राहक, रंगेहाथ पकड़ा दुकानदार
रीवा। किसानों की पीड़ा और कालाबाजारी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम वैशाली जैन ने शुक्रवार को रेवांचल बस स्टैंड के पास खाद की दुकान पर छापामार कार्रवाई कर कालाबाजारी का पर्दाफाश किया। खास बात यह रही कि एसडीएम ने अपनी पहचान छिपाकर ग्राहक का रूप धारण किया और खुद कालाबाजारी का शिकार बनीं।
शिकायतों पर हुई कार्रवाई
बीते कई दिनों से किसानों की शिकायतें मिल रही थीं कि सीताराम गुप्ता की खाद दुकान पर सरकारी दर से अधिक मूल्य वसूला जा रहा है। किसानों को मजबूरी में ऊंचे दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही थी। इन शिकायतों की पुष्टि करने के लिए एसडीएम ने अनोखा कदम उठाया। उन्होंने साधारण ग्राहक की तरह दुकान में प्रवेश किया और एक बोरी खाद मांगी।
272 की जगह 535 रुपए वसूले
दुकानदार को भनक तक नहीं लगी कि सामने खड़ी महिला ही प्रशासन की अधिकारी है। उसने 272 रुपए मूल्य की खाद की बोरी 535 रुपए में बेच दी। लेन-देन की प्रक्रिया पूरी होते ही एसडीएम ने सिविल ड्रेस में मौजूद अपने कर्मचारियों को इशारा किया और मौके पर पुलिस को बुलाकर छापामार कार्रवाई कराई।
गड़बड़ियों की पोल खुली
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जांच में यह सामने आया कि दुकान पर न तो कोई रजिस्टर संधारित था, न ही खाद वितरण अंगूठा या पहचान पत्र से किया जा रहा था। पूरा कारोबार नकद लेन-देन पर आधारित था। यह साफ संकेत था कि दुकानदार लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर कालाबाजारी कर रहा था।
एसडीएम का सख्त संदेश
एसडीएम वैशाली जैन ने स्पष्ट कहा –
“शिकायतें लगातार मिल रही थीं, इसलिए वस्तुस्थिति जानने के लिए ग्राहक बनकर जाना पड़ा। जब यह प्रमाणित हो गया कि निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूला जा रहा है, तब तुरंत कार्रवाई की गई। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”


