रीवा जिले के विकासखण्ड गंगेव के गढ़ क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण से बाधित हो रहे विकास कार्य — विद्यालय की भूमि पर भी कब्जा, प्रशासन मौन
रीवा जिले के विकासखण्ड गंगेव में शासकीय भूमि पर लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि अब अतिक्रमण का दायरा सिर्फ खाली पड़ी जमीनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासकीय विद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों, मार्गों और धार्मिक स्थलों तक पहुँच गया है।
स्थिति यह है कि कई सरकारी संपत्तियाँ अब अभिलेखों में तो शासन के नाम हैं, लेकिन वास्तविक रूप से स्थानीय अराजक तत्वों के कब्जे में हैं।
राजस्व विभाग द्वारा RCMS पोर्टल पर अतिक्रमण की प्रविष्टि न किए जाने के कारण कार्रवाई वर्षों से अटकी हुई है। वरिष्ठ अधिकारियों के बार-बार निर्देशों और पत्राचार के बावजूद निचले स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गढ़ की भूमि पर अवैध कब्जा
विकासखण्ड गंगेव के अंतर्गत स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गढ़ की भूमि पर अतिक्रमण का गंभीर मामला सामने आया है।
विद्यालय की अराजी क्रमांक 51/1/2 एवं 146 पर स्थानीय अराजक तत्वों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। इस संबंध में विद्यालय प्राचार्य द्वारा नायब तहसीलदार, मनगवां को पत्र (क्रमांक 4500, दिनांक 12.11.2025) भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि भूमि पर अवैध निर्माण और कब्जा के कारण स्कूल के विकास कार्य रुक गए हैं। न तो खेल मैदान का विस्तार हो पा रहा है, न ही अतिरिक्त भवन निर्माण संभव है। इससे छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षण व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
RCMS पोर्टल पर प्रविष्टि न होने से विलंबित हो रही कार्रवाई
आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि विद्यालय की भूमि पर हुए अतिक्रमण की प्रविष्टि RCMS पोर्टल पर तत्काल दर्ज की जाए, ताकि वैधानिक कार्रवाई हो सके।
लेकिन पटवारी स्तर पर लापरवाही के कारण अब तक यह प्रविष्टि नहीं की गई। इस वजह से शासकीय भूमि का कब्जा हटाने की प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है।
जिला शिक्षा अधिकारी, रीवा तथा जिला परियोजना समन्वयक (SSA) ने भी पत्र जारी कर राजस्व विभाग से विद्यालय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराए जाने की मांग की है।
विकास कार्यों पर सीधा असर
विकासखण्ड गंगेव में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ — जैसे विद्यालय भवन निर्माण, सड़कों का विस्तार, स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन — भूमि विवादों और कब्जों के कारण अटकी हुई हैं।
शासकीय भूमि पर अतिक्रमण विकास की सबसे बड़ी बाधा बन चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शासन स्तर से कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में शासकीय परिसंपत्तियाँ केवल कागजों में ही रह जाएँगी।
जनता की मांग — अभियान चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराया जाए
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि—
1. विकासखण्ड गंगेव सहित पूरे रीवा जिले में विशेष अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जाए।
2. सभी शासकीय भूमि का डिजिटल सर्वे कर RCMS पोर्टल पर वास्तविक स्थिति दर्ज की जाए।
3. पटवारियों और तहसील स्तर के कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए।
4. अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों की सीमांकन और सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाए।
शासकीय भूमि सुरक्षित होगी तो विकास संभव होगा
यदि शासन और प्रशासन मिलकर ठोस कदम उठाए, तो न केवल विद्यालयों की भूमि अतिक्रमण मुक्त होगी बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसे जनहित के कार्य भी गति पकड़ेंगे।
रीवा संभाग के नागरिकों की अपेक्षा है कि इस दिशा में त्वरित कार्यवाही कर “अतिक्रमण मुक्त विकासखण्ड गंगेव” का सपना साकार किया जाए।


