बलात्कार व पास्को एक्ट मामले में न्यायालय ने सुनाया फैसला — आरोपी सोहेल खान दोषमुक्त घोषित
चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमान न्यायालय पद्मा जाटव (विशेष न्यायाधीश, पास्को अधिनियम), रीवा ने शुक्रवार, 8 नवम्बर 2025 को एक बहुचर्चित प्रकरण में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 39/2025, शासन बनाम सोहेल खान में न्यायालय ने आरोपी सोहेल खान को दोषमुक्त घोषित कर दिया।
मामले के अनुसार, दिनांक 28 मई 2025 को रीवा जिले के थाना सिविल लाइन में एक महिला द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसकी 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री घर से लापता हो गई है। रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 180/2025 दर्ज कर धारा 137(2) बी.एन.एस. के तहत जांच प्रारंभ की थी।
बाद में नाबालिग के दस्तयाब होने पर उसके कथनों में उसने बताया कि वह आरोपी सोहेल खान को दो वर्षों से जानती थी, और उसके बहकावे में आकर घर से भागी थी। साथ ही उसने यह भी कहा कि आरोपी ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए थे। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर प्रकरण में धारा 87, 64(2) बी.एन.एस. के साथ-साथ धारा 3, 4, 5, 6 पास्को एक्ट का इजाफा किया।
पुलिस ने फरार आरोपी सोहेल खान को 30 मई 2025 को गिरफ्तार कर लिया था। जांच पूरी होने के बाद 2 जुलाई 2025 को चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जांच के दौरान डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आने से अभियोजन पक्ष ने आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए थे।
परंतु, न्यायालय में साक्ष्य और साक्षियों के परीक्षण के बाद यह पाया गया कि अभियोजन पक्ष आरोपी की संलिप्तता को संदेह से परे प्रमाणित करने में असफल रहा। न्यायालय ने कहा कि प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
अतः दिनांक 8 नवम्बर 2025 को न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाते हुए आरोपी सोहेल खान को समस्त आरोपों से दोषमुक्त घोषित किया।
इस मामले में आरोपी की ओर से अधिवक्ता कुलदीप सिंह सोमवंशी ने प्रभावी पैरवी की।

