गढ़ थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था ध्वस्त जान से मारने की धमकी, बुजुर्ग से मारपीट और ट्रैक्टर में आगजनी
एक ही गिरोह पर बार-बार संगीन आरोप, कठोर कार्रवाई की उठी मांग
रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गंभीरपुर एवं पंचायत अड़गड़ा में दबंगों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब न सिर्फ आम नागरिक, बल्कि शासकीय कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं हैं। बीते दिनों सामने आई घटनाओं ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। एक ही विवाद से जुड़े मामलों में मारपीट, जान से मारने की धमकी, आगजनी और सरकारी कार्य में बाधा जैसी गंभीर धाराओं के अपराध सामने आए हैं।
पटवारी सर्वे के दौरान खुलेआम धमकी, गोली मारने तक की चेतावनी
पटवारी हल्का अड़गड़ा की शासकीय कर्मचारी सावित्री शर्मा, निवासी ग्राम गंभीरपुर, तहसील मनगवां, जिला रीवा ने थाना गढ़ में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। आवेदन के अनुसार 28 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 3 बजे, वह पंचायत अड़गड़ा क्षेत्र में शासकीय सर्वे कार्य पूर्ण कर लौट रही थीं। इसी दौरान सम्पत्ति उपाध्याय, शिशुकुमार उपाध्याय, सीमा उपाध्याय, मोहित द्विवेदी, रवेंद्र तिवारी सहित अन्य लोगों ने रास्ता रोककर उन्हें घेर लिया।
आरोप है कि उक्त लोगों ने शासकीय कार्य में जानबूझकर बाधा डाली, गाली-गलौज की और भय का वातावरण निर्मित किया। इसी दौरान पटवारी की छोटी बहन शिवानी द्वारा घटनाक्रम का वीडियो बनाया जा रहा था, जिस पर आरोपियों ने वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया। वीडियो न हटाने पर गोली मारने की धमकी दी गई, जिससे स्थिति अत्यंत भयावह हो गई।
बुजुर्ग किसान से बेरहमी से मारपीट, जान से खत्म करने की धमकी
इसी विवाद से जुड़ा एक अन्य गंभीर मामला 12 जनवरी 2026 को सामने आया, जिसमें 75 वर्षीय रामनरेश उपाध्याय, निवासी ग्राम गंभीरपुर, के साथ खेत जाते समय सम्पत्ति उपाध्याय एवं सीमा उपाध्याय द्वारा मारपीट की गई। फरियादी के अनुसार पत्नी द्वारा पहले दर्ज कराई गई रिपोर्ट में समझौते का दबाव बनाया गया। मना करने पर टांगी के बेत से हमला किया गया, जिससे उनके चेहरे और हाथों में गंभीर चोटें आईं।
हल्ला सुनकर पत्नी निर्मला एवं बेटी सावित्री मौके पर पहुंचीं, तब आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। बुजुर्ग व्यक्ति पर हमला कानून-व्यवस्था की स्थिति को और भी गंभीर दर्शाता है।
रात के अंधेरे में ट्रैक्टर में आगजनी, संपत्ति नष्ट करने का प्रयास
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे गंभीर मामला आगजनी का है। फरियादिया निर्मला उपाध्याय ने पुलिस को बताया कि 8 जनवरी 2026 की रात करीब 2–3 बजे, उनके ट्रैक्टर क्रमांक MP17AB0543 में मोहित दुबे, रवेन्द्र तिवारी एवं सम्पत्ति उपाध्याय द्वारा आग लगाई गई। कुत्तों के भौंकने की आवाज से जागकर बाहर निकलीं तो आरोपी आग लगाते दिखे और मौके से भाग निकले।
समय रहते आग बुझा ली गई, लेकिन ट्रैक्टर को नुकसान हुआ। यह घटना स्पष्ट रूप से आपराधिक मानसिकता और संगठित अपराध की ओर इशारा करती है।
एक ही नाम, बार-बार संगीन अपराध — पुलिस कार्रवाई पर सवाल
इन सभी मामलों में एक ही समूह के नाम बार-बार सामने आना यह दर्शाता है कि आरोपियों को कानून का कोई भय नहीं है। शासकीय कर्मचारी को धमकी देना, बुजुर्ग से मारपीट करना और संपत्ति में आगजनी करना — ये सभी गंभीर, गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आते हैं।
स्थानीय नागरिकों एवं पीड़ित परिवारों ने मांग की है कि:
सभी मामलों की संयुक्त एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए
सख्त धाराओं (जानलेवा हमला, शासकीय कार्य में बाधा, आगजनी, आपराधिक धमकी) में प्रकरण दर्ज हों
आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए
क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि भयमुक्त वातावरण बने
गढ़ थाना पुलिस ने सभी शिकायतों पर प्रकरण दर्ज कर जांच अधिकारी हनुमानदीन वर्मा, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक, को विवेचना सौंपी है। अब देखना यह होगा कि7 प्रशासन इन गंभीर मामलों में कठोर और उदाहरणात्मक कार्रवाई करता है या दबंगों के हौसले यूं ही बुलंद रहते हैं।





