मऊगंज : पशु तस्करी मामले में डायल 112 का पायलट यूपी पुलिस की हिरासत में, पुलिस महकमे में हड़कंप
रीवा जिले के मऊगंज क्षेत्र में डायल 112 सेवा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। हनुमना थाना अंतर्गत डायल 112 वाहन का पायलट पशु तस्करी के एक मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की अभिरक्षा में है, जिससे यूपी पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। मामला सामने आते ही जिले भर में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के ड्रामनगंज चौकी क्षेत्र में पशु तस्करी का एक मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि एक वाहन में मवेशियों को निर्दयतापूर्वक और क्रूर हालात में भरकर ले जाया जा रहा था। सूचना मिलने पर ड्रामनगंज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन को पकड़ा और पशु तस्करी के आरोप में संबंधित व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों ने मेमोरेण्डम कथन में बताया कि मवेशियों को भिजवाने में हनुमना थाने में पदस्थ डायल 112 के पायलट रामलोचन यादव की भूमिका रही है। इस बयान के आधार पर ड्रामनगंज पुलिस की टीम हनुमना पहुंची और पायलट को पशु तस्करी के मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
इसके बाद ड्रामनगंज पुलिस पायलट को अपने साथ उत्तर प्रदेश ले गई, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पशु तस्करी में पायलट की भूमिका किस हद तक थी और वह किस स्तर पर इस अवैध गतिविधि से जुड़ा हुआ था।
इस घटना के सामने आने के बाद हनुमना थाना परिसर सहित पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है। डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवा से जुड़े कर्मचारी का इस तरह के गंभीर अपराध में संदेही होना विभाग की साख पर सवाल खड़े कर रहा है।
मऊगंज में पहले भी डायल 112 पायलटों पर दर्ज हो चुके हैं मामले
गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी मऊगंज क्षेत्र में डायल 112 के दो पायलटों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हो चुका है। मऊगंज थाने में पूछताछ के लिए लाए गए एक युवक के साथ कथित तौर पर निर्दयतापूर्वक मारपीट की गई थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में संबंधित पायलटों के विरुद्ध थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
लगातार सामने आ रहे मामलों से यह भी सवाल उठ रहे हैं कि डायल 112 के पायलट अपने मूल दायित्व—आपातकालीन सेवा और वाहन संचालन—को छोड़कर अन्य गतिविधियों में संलिप्त पाए जा रहे हैं, जो उनकी कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
इस संबंध में एएसपी मऊगंज विक्रम सिंह ने बताया—
“हनुमना थाने में पदस्थ डायल 112 के पायलट को ड्रामनगंज पुलिस पशु तस्करी के एक मामले में पूछताछ के लिए अपने साथ लेकर गई है। मामला अभी जांचाधीन है। प्रारंभिक जानकारी में पायलट के संदेही होने की बात सामने आई है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।”
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की परत-दर-परत जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि डायल 112 का पायलट पशु तस्करी के इस नेटवर्क में किस हद तक शामिल था और उसके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

