बलात्कार एवं पोक्सो एक्ट के गंभीर आरोपों से आरोपी दोषमुक्त न्यायालय ने कहा— अभियोजन संदेह से परे आरोप सिद्ध करने में विफल
बलात्कार एवं पोक्सो एक्ट जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े एक विशेष सत्र प्रकरण में न्यायालय ने अहम निर्णय सुनाते हुए आरोपी को दोषमुक्त घोषित किया है। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश, रीवा (मध्यप्रदेश) के न्यायालय ने विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 63/2025 (शासन बनाम राजभान लोनिया उर्फ छोटू) में आज दिनांक 20 जनवरी 2026 को निर्णय पारित करते हुए आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
प्रकरण के अनुसार, 14 वर्षीय नाबालिग अभियोक्ती द्वारा अपने पिता के साथ थाना बिछिया, जिला रीवा में दिनांक 27 जून 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि उसकी मुलाकात आरोपी से विदिशा में हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच मोबाइल के माध्यम से बातचीत शुरू हुई। आरोप था कि इसी का लाभ उठाकर आरोपी ने उसे घर से बाहर बुलाया और उसके साथ बलात्कार किया। इसके साथ ही आरोपी द्वारा आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाने तथा वीडियो वायरल करने की धमकी देकर विभिन्न स्थानों पर ले जाकर बार-बार दुष्कर्म किए जाने का भी आरोप लगाया गया।
अभियोक्ती के नाबालिग होने तथा जन्मतिथि से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न होने की स्थिति में पुलिस द्वारा उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें उसकी उम्र 11 से 15 वर्ष के बीच आंकी गई। इसके आधार पर थाना बिछिया पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 363/2025 अंतर्गत धारा 96, 64(2)(m), 65(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं 5/6 पोक्सो एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया। आरोपी राजभान लोनिया उर्फ छोटू को दिनांक 15 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विवेचना पूर्ण होने के उपरांत पुलिस ने दिनांक 10 अक्टूबर 2025 को चालान न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय में विचारण के दौरान अभियोक्ती एवं उसके परिजनों सहित अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन ने आरोपी पर लगाए गए आरोपों को प्रमाणित करने का प्रयास किया, किंतु साक्ष्यों के सूक्ष्म परीक्षण के बाद न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि प्रस्तुत साक्ष्यों में महत्वपूर्ण विरोधाभास हैं तथा अभियोजन आरोपी के विरुद्ध आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा है।
इन तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए न्यायालय ने आज दिनांक 20 जनवरी 2026 को निर्णय पारित कर आरोपी राजभान लोनिया उर्फ छोटू, निवासी ग्राम मडवा, थाना गोविंदगढ़, जिला रीवा को सभी आरोपों से दोषमुक्त घोषित कर दिया।
उक्त प्रकरण में आरोपी की ओर से सशक्त एवं प्रभावी पैरवी अधिवक्ता कुलदीप सिंह सोमवंशी द्वारा की गई।
न्यायालय के इस निर्णय को न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्य की विश्वसनीयता और निष्पक्ष विवेचना के महत्व को रेखांकित करने वाला माना जा रहा है।

