गैंगरेप व पॉक्सो एक्ट के गंभीर मामले में न्यायालय ने आरोपी को किया दोषमुक्त
गैंगरेप एवं पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक बहुचर्चित मामले में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश, रीवा (मध्य प्रदेश) की अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषमुक्त घोषित कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित करने में असफल रहा।
प्रकरण की सुनवाई न्यायालय श्रीमान चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश महोदय, रीवा के समक्ष हुई, जहां विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 43/2025 (शासन बनाम बृजेश उर्फ लालू लोनिया एवं अन्य) में आज दिनांक 21 जनवरी 2026 को निर्णय पारित किया गया। न्यायालय ने आरोपी बृजेश उर्फ लालू लोनिया को दोषमुक्त घोषित किया।
प्रकरण की पृष्ठभूमि
अभियोजन के अनुसार, 16 वर्षीय नाबालिग अभियोक्ती के पिता द्वारा दिनांक 18 मई 2025 को थाना मनगवां, जिला रीवा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उनकी पुत्री घर से कहीं चली गई है। इस पर थाना मनगवां पुलिस द्वारा अपराध क्रमांक 234/2025 अंतर्गत धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
बाद में अभियोक्ती के दस्तयाब होने पर उसने अपने बयान में आरोप लगाया कि घटना के दिन वह घर से घूमने निकली थी, तभी रास्ते में आरोपी बृजेश उर्फ लालू लोनिया एवं अमित लोनिया ने उसे जबरदस्ती मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने साथ ले गए। आरोप है कि दोनों आरोपी उसे ट्रेन से सूरत ले गए, जहां उसके साथ कई बार सामूहिक दुष्कर्म किया गया। अभियोक्ती के अनुसार वह किसी तरह भागकर 1 जून 2025 को अपने घर वापस लौटी।
धाराओं में इजाफा व गिरफ्तारी
अभियोक्ती के बयान के आधार पर थाना मनगवां पुलिस ने पूर्व में दर्ज अपराध क्रमांक 234/2025 में गंभीर धाराओं का इजाफा करते हुए धारा 87, 64(2), 49, 61 बीएनएस तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5 एवं 6 जोड़ी। आरोपीगण घटना के बाद से फरार थे, जिन्हें पुलिस ने बाद में दिनांक 2 जून 2025 को गिरफ्तार किया। विवेचना पूर्ण कर पुलिस द्वारा दिनांक 21 जुलाई 2025 को चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय की टिप्पणी
प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन एवं बचाव पक्ष की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। अभियोजन ने डीएनए रिपोर्ट को भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें डीएनए पॉजिटिव पाया गया। हालांकि, सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयानों एवं परिस्थितियों के गहन परीक्षण के उपरांत न्यायालय ने यह पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित करने में असफल रहा।
अंतिम निर्णय
न्यायालय ने आज दिनांक 21 जनवरी 2026 को निर्णय पारित करते हुए आरोपी बृजेश उर्फ लालू लोनिया को दोषमुक्त कर दिया।
बचाव पक्ष की ओर से पैरवी
आरोपी की ओर से प्रकरण की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता कुलदीप सिंह सोमवंशी द्वारा की गई।



