रीवा आरटीओ के सुरक्षा स्कॉट लगे वाहन से खुलेआम अवैध वसूली का आरोप रोज़ाना विभिन्न राजमार्गों से लाखों रुपये की उगाही का दावा
रीवा जिले में परिवहन विभाग (आरटीओ) से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां आरटीओ कार्यालय से संबंधित सुरक्षा स्कॉट लगे वाहनों द्वारा खुलेआम अवैध वसूली किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। जिले के वाहन चालकों और वाहन मालिकों का कहना है कि यह अवैध वसूली कोई एक-दो दिन की घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से लगातार जारी है, जिसमें प्रतिदिन लाखों रुपये की उगाही की जा रही है।
आरोपों के अनुसार, रीवा आरटीओ मनीष त्रिपाठी पिछले कई वर्षों से जिले में पदस्थ हैं और उनकी राजनीतिक पकड़ के चलते उनके विरुद्ध की गई अनेक शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि उन्हें विभिन्न राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर आरटीओ लिखे वाहनों द्वारा रोका जाता है और बिना किसी वैध रसीद के पैसों की मांग की जाती है।
वाहन चालकों का आरोप है कि यदि कोई चालक पैसे देने से इनकार करता है, तो उसे भारी चालान काटने, वाहन जब्त करने अथवा पुलिसिया कार्रवाई की धमकी दी जाती है। भय और दबाव के इस माहौल में मजबूरन वाहन चालकों को अवैध राशि देनी पड़ती है। पीड़ितों का कहना है कि इस तरह की कार्यप्रणाली से वे आर्थिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान हैं।
बताया जा रहा है कि रीवा जिले के कई प्रमुख मार्गों और चेकिंग पॉइंट्स पर आरटीओ से जुड़े वाहन नियमित रूप से तैनात रहते हैं, जहां इस तरह की कथित अवैध वसूली की जा रही है। वाहन मालिकों का कहना है कि डर के कारण अधिकांश लोग सामने आकर शिकायत दर्ज नहीं करा पाते, लेकिन अंदरखाने यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।
इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित वाहन मालिकों और चालकों ने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई किए जाने की भी मांग की है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या संज्ञान लेता है और क्या वास्तव में रीवा जिले के वाहन चालकों को इस कथित अवैध वसूली से राहत मिल पाती है या नहीं।



