वैदिक सनातन परंपरा के अनुसार भक्ति भाव से संपन्न हुआ रामकथा का दूसरा दिवस
रीवा। ग्राम कलवारी/पोस्ट कटरा में आयोजित संगीतमय श्रीमद् वाल्मीकीय रामकथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। भव्य पंडाल में सुसज्जित मंच, पुष्प सज्जा और भक्ति संगीत के बीच पूरा वातावरण राममय बना रहा।
वैदिक सनातन धर्म के अनुसार भागवत महापुराण एवं रामकथा का समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से न केवल आध्यात्मिक जागृति होती है, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों और संस्कारों का भी संवर्धन होता है। इसी क्रम में दिनांक 20 फरवरी 2026 को भव्य कलश यात्रा के साथ कथा का शुभारंभ किया गया था। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर श्रद्धा और उत्साह के साथ शोभायात्रा निकाली, जिसके बाद विधिवत पूजन-अर्चन कर कथा प्रारंभ हुई।
दूसरे दिवस कथा व्यास परम श्रद्धेय स्वामी सुखनिधान शरण जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मार्मिक वर्णन करते हुए सत्य, त्याग, मर्यादा और धर्म पालन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राम के आदर्शों को आत्मसात करना ही समाज और परिवार में सुख-शांति स्थापित करने का मार्ग है।
कथा के दौरान संगीतमय भजन-कीर्तन से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं आसपास के क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्म लाभ अर्जित किया। आयोजन स्थल को आकर्षक विद्युत सज्जा एवं फूलों से सजाया गया है, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई है।
आयोजक समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो रहा है। यह धार्मिक आयोजन 28 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन जारी रहेगा। आयोजकों ने अधिक से अधिक धर्मप्रेमियों से कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।



