हनुमना RTO चेकपोस्ट पर बवाल: दस्तावेज़ मांगने पर जाम, झोपड़ी में आग; दीपक यादव समेत तीन पर केस
हनुमना (मऊगंज)। जिले के हनुमना स्थित RTO चेकपोस्ट पर शुक्रवार दोपहर वाहन जांच के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब दस्तावेज़ दिखाने से इनकार करने पर दो ट्रकों को बीच सड़क में खड़ा कर दिया गया। इससे मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया और आवागमन बाधित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर पहुंचे एक युवक ने स्टाफ से गाली-गलौज और झूमाझटकी की, जिसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि उसके साथियों ने चेकपोस्ट के पास बनी झोपड़ी और कुर्सियों में आग लगा दी, जिससे अफरातफरी मच गई।
परिवहन उप निरीक्षक अशोक शर्मा द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार, 20 फरवरी की दोपहर ट्रक क्रमांक MP20HB6128 और UP63CT3122 के चालकों ने जांच के दौरान विवाद शुरू कर दिया और अन्य चालकों को कार्रवाई के खिलाफ भड़काने लगे। सूचना पर विभागीय स्टाफ मौके पर पहुंचा, तभी भैंसोंड निवासी दीपक यादव वहां आ गया और कथित रूप से जान से मारने की धमकी देते हुए विवाद करने लगा। आरोप है कि ट्रक चालकों के साथ मिलकर सड़क किनारे बनी अस्थायी झोपड़ी और कुर्सियों में आग लगा दी गई, जिससे शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। हालांकि घटना में किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
चेकपोस्ट प्रभारी की शिकायत पर थाना हनुमना में दीपक यादव तथा दोनों ट्रक चालकों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस ने कहा है कि कानून व्यवस्था भंग करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अशोक शर्मा ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार मोटरयान अधिनियम और कराधान अधिनियम के तहत नियमित जांच और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को एक अन्य वाहन पर वैध परमिट न होने के कारण 70,500 रुपये का चालान काटा गया। अधिकारियों का कहना है कि अनुचित दबाव बनाने, जाम लगाने या हिंसक विरोध की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इधर, क्षेत्र में अवैध वसूली और चेकपोस्ट संचालन को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि पूर्व में चेकपोस्ट बंद किए जाने के आदेशों के बावजूद संबंधित स्थान पर 24 घंटे संचालन कैसे जारी है। कुछ लोगों का मानना है कि यदि जांच प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही तो इस तरह के टकराव बढ़ सकते हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यदि आवश्यक हुआ तो खुफिया जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश की झलक देखी गई। जानकारों का मानना है कि संवेदनशील चेकपोस्टों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना की आशंका से इनकार किया जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
नोट: अवैध वसूली से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

