रीवा जिले के ग्राम लहुरिया परासी में सनसनीखेज हमला: सिरफिरे युवक ने मासूम सहित दो पर किया जानलेवा वार, तलवार लहराकर फैलाया आतंक
रीवा/गढ़। रीवा जिले के थाना गढ़ अंतर्गत ग्राम लहुरिया परासी में रविवार, 22 फरवरी 2026 को एक सनसनीखेज घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। एक सिरफिरे युवक ने अलग-अलग घटनाओं में 7 वर्षीय मासूम बच्चे और एक अन्य युवक पर जानलेवा हमला कर गांव का माहौल अशांत कर दिया। वारदात के बाद आरोपी खुलेआम तलवार लेकर गांव में घूमता रहा, जिससे ग्रामीणों में भारी भय व्याप्त हो गया।
मासूम पर बेरहमी से हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर लगभग 3:00 बजे 7 वर्षीय सत्यम साहिल साकेत (पिता रोशन साकेत) अपने घर के पास टहल रहा था। इसी दौरान आरोपी संतोष अचानक वहां पहुंचा और बिना किसी स्पष्ट कारण के बच्चे पर डंडे से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया। हमले में सत्यम के सिर, हाथ और पसलियों में गंभीर चोटें आईं। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी फरार हो चुका था।
दूसरे युवक को भी बनाया निशाना
घटना यहीं नहीं थमी। जब घायल बच्चे को परिजन इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए, उसी दौरान आरोपी ने 27 वर्षीय जायसवाल खरहरी साकेत (पिता पर्वत साकेत) को अपना निशाना बना लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने लाठी से हमला कर जायसवाल का सिर फोड़ दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। लगातार दो हमलों से पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।
तलवार लहराकर फैलाया आतंक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों वारदातों के बाद आरोपी हाथ में खुली तलवार लेकर गांव की गलियों में घूमता रहा और लोगों को धमकाता रहा। इस दौरान ग्रामीण अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। महिलाओं और बच्चों में विशेष रूप से भय का वातावरण रहा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही गढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। घायल मासूम सत्यम को पहले 112 एम्बुलेंस की सहायता से गंगेव अस्पताल भेजा गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
गांव में तनावपूर्ण शांति
घटना के बाद ग्राम लहुरिया परासी में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और गांव में स्थायी पुलिस गश्त की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में और बड़ी घटना घट सकती है।
फिलहाल पूरा क्षेत्र इस घटना से स्तब्ध है और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद में ग्रामीण प्रशासन की ओर देख रहे हैं।




