रीवा: पीटीएस शराब दुकान पर चंदेल ट्रेडर्स का कब्जा, 17 में से सिर्फ 8 समूहों की नीलामी; 9 में नहीं मिले ठेकेदार
रीवा। जिले में शराब दुकानों के नए वित्तीय वर्ष के लिए किए जा रहे ई-ऑक्शन में कई अहम समूहों की नीलामी हुई, जिसमें पीटीएस शराब दुकान समूह सबसे चर्चित रहा। पीटीएस चौराहा स्थित शराब दुकान समूह पर अंततः चंदेल ट्रेडर्स ने कब्जा जमा लिया। हालांकि जिले के 17 समूहों में से केवल 8 समूहों की ही नीलामी हो सकी, जबकि 9 समूहों में कोई ठेकेदार सामने नहीं आया, जिससे आबकारी विभाग के सामने चुनौती खड़ी हो गई है।
जानकारी के अनुसार शनिवार को आबकारी विभाग द्वारा पीटीएस चौराहा, मनगवां समूह, गढ़ समूह, चाकघाट और हनुमना समूह सहित कई शराब दुकान समूहों को ई-ऑक्शन प्रक्रिया में शामिल किया गया था। इस दौरान ठेकेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिली।
सबसे अधिक चर्चा पीटीएस शराब दुकान समूह की रही। इस समूह के लिए आबकारी विभाग द्वारा 51 करोड़ 75 लाख रुपये का आरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया था। ई-टेंडर कम ई-ऑक्शन प्रक्रिया में केवल एक ही ठेकेदार ने भाग लिया, लेकिन उसने लगातार बोली बढ़ाते हुए अंतिम बोली 53 करोड़ 58 लाख रुपये तक पहुंचा दी। अंततः यह समूह चंदेल ट्रेडर्स के नाम हो गया।
वहीं गढ़ शराब दुकान समूह के लिए तीन ठेकेदारों ने बोली लगाई, जिससे नीलामी के दौरान प्रतिस्पर्धा का माहौल बना रहा। गढ़ समूह का आरक्षित मूल्य 22 करोड़ 49 लाख रुपये तय किया गया था। बोली के दौरान मांझी ग्रुप ने सबसे ऊंची बोली लगाते हुए 24 करोड़ 55 लाख रुपये में यह समूह अपने नाम कर लिया।
आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले के कुल 17 शराब दुकान समूहों में से अब तक केवल 8 समूहों की नीलामी पूरी हो पाई है, जबकि 9 समूहों के लिए कोई भी ठेकेदार सामने नहीं आया। ऐसे में इन समूहों की दोबारा नीलामी या अन्य प्रक्रिया अपनाने पर विभाग विचार कर रहा है।
बताया जा रहा है कि कुछ समूहों के लिए निर्धारित आरक्षित मूल्य अधिक होने के कारण ठेकेदारों ने रुचि नहीं दिखाई। अब आबकारी विभाग जल्द ही शेष समूहों की नीलामी के लिए नई तिथि घोषित कर सकता है।
जिले में शराब दुकानों की नीलामी को लेकर ठेकेदारों के बीच लगातार हलचल बनी हुई है, वहीं आने वाले दिनों में बाकी समूहों की नीलामी होने के बाद ही जिले की पूरी शराब दुकान व्यवस्था स्पष्ट हो पाएगी।

