अंधेर नगरी, चौपट राजा: न्यायालय के स्टे के बाद भी रक्सा माजन में निर्माण जारी सरपंच का दावा – “अधिकारियों को सेवा शुल्क दे चुका हूं, अब कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता”
रीवा/गंगेव। जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत रक्सा माजन इन दिनों गंभीर विवादों के घेरे में है। आरोप है कि न्यायालय द्वारा विवादित निर्माण कार्य पर स्पष्ट रूप से रोक (स्टे) लगाए जाने के बावजूद सरपंच द्वारा धड़ल्ले से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों के अनुसार सरपंच खुलेआम प्रशासनिक व्यवस्था और न्यायपालिका को चुनौती देते हुए आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं।
न्यायालय के आदेश की खुली अवमानना
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत रक्सा माजन में एक विवादित भूमि पर निर्माण कार्य को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है। माननीय न्यायालय द्वारा संबंधित निर्माण पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया था। इसके बावजूद मौके पर निर्माण कार्य लगातार जारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए निर्माण कार्य रुकवाने का प्रयास किया, तो उन्हें अनसुना कर दिया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर पर आदेशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, जिससे कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
“सेवा शुल्क” के सहारे व्यवस्था?
ग्रामीणों के अनुसार विरोध करने पर सरपंच ने कथित रूप से सार्वजनिक रूप से कहा, “कानून से नहीं, सेवा शुल्क से काम चलता है। मैं अधिकारियों को सेवा शुल्क दे चुका हूं, अब कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। जो मैं करूंगा वही कानून होगा।”
यदि यह बयान सत्य है, तो यह न केवल न्यायालय की अवमानना का विषय है, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। सरपंच द्वारा कथित रूप से अधिकारियों को भुगतान करने की बात स्वीकार करना भ्रष्टाचार की खुली स्वीकारोक्ति माना जा रहा है।
प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक के कुछ अधिकारी मामले में मौन साधे हुए हैं। निर्माण कार्य की जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे पंचायत क्षेत्र में असंतोष का वातावरण बन गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि न्यायालय के आदेशों का इस प्रकार उल्लंघन होता रहा तो आम जनता का कानून और प्रशासन से विश्वास उठ सकता है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
ग्राम पंचायत रक्सा माजन के अनेक ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने जिला कलेक्टर एवं पंचायती राज विभाग को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि न्यायालय के आदेश की अवमानना करने वाले दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
कार्रवाई की प्रतीक्षा
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। न्यायालय के आदेश की अवमानना और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं, इस पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।
रक्सा माजन का यह मामला न केवल एक पंचायत का विवाद है, बल्कि यह शासन-प्रशासन की पारदर्शिता और कानून के प्रति प्रतिबद्धता की भी परीक्षा बन गया है।


