एनडीपीएस प्रकरण में न्यायालय का बड़ा फैसला नशीली कफ सिरप के अवैध कारोबार मामले में दो आरोपी दोषमुक्त
रीवा। विशेष सत्र न्यायालय से जुड़े बहुचर्चित एनडीपीएस प्रकरण में माननीय न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषमुक्त घोषित कर दिया। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश, रीवा श्री संदीप श्रीवास्तव की न्यायालय ने विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक SCNDPS 26/2024 (शासन बनाम रजनीश लोनिया व अन्य) में दिनांक 28 फरवरी 2026 को फैसला सुनाया।
मामला क्या था
प्रकरण के अनुसार दिनांक 28 सितंबर 2023 को रात्रि लगभग 10 बजे थाना लौर में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक राजेश पांडेय को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि तमरी रोड ओवर ब्रिज के नीचे सोनवर्षा में रजनीश लोनिया एक अन्य व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल पर बैठा है तथा उनके पास दो बैग में अवैध कोरेक्स (कोडीन फास्फेट युक्त) नशीली कफ सिरप विक्रय हेतु रखी है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने आवश्यक पंचनामा तैयार किया तथा सहायक उप निरीक्षक अंगद प्रसाद शुक्ला द्वारा दो स्वतंत्र साक्षियों — रामचरण सिंह परिहार एवं संदीप सिंह — को बुलाया गया। आरक्षक देवेश चौबे को मुखबिर सूचना पंचनामा एवं सर्च वारंट प्राप्त न कर सकने के संबंध में तैयार दस्तावेज के साथ एसडीओपी कार्यालय मऊगंज भेजा गया।
पुलिस कार्रवाई और बरामदगी
सरकारी वाहन क्रमांक MP03A3470 से पुलिस टीम सोनवर्षा ब्रिज के नीचे पहुंची। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, किंतु एक व्यक्ति मोटरसाइकिल स्टार्ट कर भाग निकला, जबकि रजनीश लोनिया को मौके पर ही पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से दो बैग बरामद हुए, जिनमें कुल 220 सीसी कोडीन फास्फेट युक्त नशीली कफ सिरप पाई गई।
पूछताछ में रजनीश लोनिया ने फरार आरोपी का नाम रवि सिंह गहरवार बताया। संपूर्ण कार्रवाई उपरांत थाना लौर पुलिस ने अपराध क्रमांक 357/2023 अंतर्गत धारा 8, 21, 22, 25 एनडीपीएस एक्ट एवं धारा 5/13 ड्रग्स कंट्रोल एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया।
विवेचना और न्यायालयीन कार्यवाही
दिनांक 14 मार्च 2024 को विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। फरार आरोपी रवि सिंह गहरवार को बाद में गिरफ्तार किया गया, जिसके मेमोरेण्डम कथन के आधार पर परितोष उर्फ पुरुषोत्तम पांडेय का नाम भी प्रकरण में जोड़ा गया।
दोनों सहआरोपियों को लगभग 20 दिनों के भीतर जमानत मिल गई, जबकि मुख्य आरोपी रजनीश लोनिया की जमानत सात बार उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा खारिज की गई थी। न्यायालय ने व्यावसायिक मात्रा के आधार पर जमानत निरस्त की थी। उल्लेखनीय है कि 10 सीसी कोडीन युक्त कफ सिरप को व्यावसायिक मात्रा की श्रेणी में माना जाता है, जबकि इस प्रकरण में 220 सीसी की बरामदगी दर्शाई गई थी, जिसे गंभीर अपराध माना गया था।
विचारण के दौरान आरोपी विश्व मोहन गहरवार उर्फ रवि सिंह की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई।
न्यायालय का निर्णय
प्रकरण में अधिकांश साक्षी पुलिस कर्मी थे, जिन्होंने अभियोजन का समर्थन किया। किंतु समस्त साक्ष्यों एवं गवाहों के परीक्षण के उपरांत न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित करने में असफल रहा है।
फलस्वरूप, दिनांक 28 फरवरी 2026 को न्यायालय ने आरोपी रजनीश लोनिया (पुत्र भूरश लोनिया, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम तमरा दूआरी, थाना गुढ, जिला रीवा) तथा परितोष उर्फ पुरुषोत्तम पांडेय को दोषमुक्त घोषित कर दिया।
पैरवी
आरोपी रजनीश लोनिया की ओर से अधिवक्ता कुलदीप सिंह सोमवंशी ने प्रभावी पैरवी की।
इस निर्णय के बाद क्षेत्र में प्रकरण को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। न्यायालय के इस फैसले ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि आपराधिक मामलों में दोष सिद्धि के लिए अभियोजन को ठोस और संदेह से परे साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है।

