डायल-112 वाहन तक पहुंची शराब! गंगेव का वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय, जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए एक पुलिसकर्मी सहित ड्राइवर निलंबित
रीवा पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल, एसपी के निर्देश पर तत्काल हुई कार्रवाई; सोशल मीडिया में मचा बवाल
रीवा जिले के गंगेव क्षेत्र से सामने आए एक वायरल वीडियो ने पुलिस व्यवस्था, ड्यूटी अनुशासन और कानून के रखवालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे इस वीडियो में एक युवक शराब दुकान से बियर और शराब लेकर सीधे डायल-112 वाहन के पास पहुंचता दिखाई दे रहा है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि वाहन में मौजूद पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान ही शराब मंगवा रहे थे। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और पुलिस विभाग की कार्यशैली को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
जानकारी के अनुसार, यह मामला गंगेव क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां डायल-112 वाहन क्षेत्र में मौजूद था। स्थानीय लोगों का दावा है कि वाहन का सायरन बजने के कुछ समय बाद एक युवक नजदीकी शराब दुकान पर पहुंचा और वहां से बियर एवं शराब खरीदकर सीधे पुलिस वाहन तक ले गया। पूरे घटनाक्रम को किसी स्थानीय व्यक्ति ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में युवक को कथित तौर पर शराब लेकर वाहन के समीप जाते देखा जा रहा है, जिसके बाद यह मामला चर्चा का केंद्र बन गया।
हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ही नियमों और अनुशासन की अनदेखी करते नजर आएंगे, तो आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास कमजोर होगा। लोगों का यह भी कहना है कि डायल-112 जैसी आपातकालीन सेवा का उद्देश्य त्वरित सहायता और कानून व्यवस्था बनाए रखना है, ऐसे में उससे जुड़ा कोई भी विवाद विभाग की साख पर सीधा असर डालता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। कई यूजर्स ने इसे पुलिस अनुशासन पर गंभीर सवाल बताते हुए उच्च स्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है बल्कि वर्दी की गरिमा के भी विपरीत है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश जारी किए। एसपी के आदेश पर एसडीओपी स्तर पर मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता और लापरवाही के संकेत मिलने पर तत्काल प्रभाव से आरक्षक समर पटेल और डायल-112 वाहन चालक अनूप विश्वकर्मा को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस विभाग की ओर से संकेत दिए गए हैं कि यह केवल प्रारंभिक कार्रवाई है और मामले की विस्तृत जांच जारी रहेगी। यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं या किसी अन्य की संलिप्तता पाई जाती है, तो विभागीय नियमों के तहत आगे और भी कठोर कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की छवि और जनविश्वास को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि डायल-112 सेवा आमजन को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। ऐसे में इस सेवा से जुड़े वाहन और कर्मचारियों पर विशेष जिम्मेदारी होती है। गंगेव क्षेत्र से सामने आया यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इसमें सीधे ड्यूटी के दौरान आचरण और पुलिस की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभागीय जांच में वायरल वीडियो की सच्चाई कितनी सामने आती है और क्या निलंबन के बाद अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों पर भी कार्रवाई होती है। फिलहाल इस घटना ने रीवा जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

