रीवा को मिला नया कप्तान: गुरुकरण सिंह होंगे जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक
प्रशिक्षण काल में गोविन्दगढ़ थाना संभाल चुके हैं, जमीनी अनुभव से सख्त और संवेदनशील पुलिसिंग की उम्मीद
रीवा। जिले की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने बड़ा बदलाव करते हुए युवा और अनुभवी आईपीएस अधिकारी गुरुकरण सिंह को रीवा का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति को लेकर जिले में पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा और सख्ती आने की उम्मीद जताई जा रही है।
जमीनी अनुभव का लाभ मिलेगा
गुरुकरण सिंह का रीवा से पुराना नाता रहा है। अपने प्रशिक्षण काल के दौरान उन्होंने गोविन्दगढ़ थाना में बतौर थाना प्रभारी सेवाएं दी थीं। उस दौरान उन्होंने क्षेत्र की सामाजिक संरचना, अपराध की प्रवृत्ति और स्थानीय चुनौतियों को नजदीक से समझा। यही अनुभव अब उनके लिए रीवा जिले की कमान संभालते समय बेहद उपयोगी साबित होगा।
युवा, ऊर्जावान और कड़क छवि के अधिकारी
पुलिस महकमे में गुरुकरण सिंह की पहचान एक सख्त लेकिन निष्पक्ष अधिकारी के रूप में मानी जाती है। वे अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस-जन संवाद को भी प्राथमिकता देते हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनकी कार्यशैली में त्वरित कार्रवाई, जवाबदेही और पारदर्शिता प्रमुख रही है।
अवैध कारोबार पर रहेगी पैनी नजर
रीवा जिले में लंबे समय से अवैध शराब, नशीले पदार्थों और सट्टा जैसे मामलों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में नए एसपी के रूप में गुरुकरण सिंह की नियुक्ति को इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अहम कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि वे इन मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस की छवि को और मजबूत करेंगे।
जनता में बढ़ी उम्मीदें
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने नए पुलिस अधीक्षक से बड़ी अपेक्षाएं जताई हैं। लोगों का मानना है कि क्षेत्र की समझ रखने वाले अधिकारी के आने से पुलिसिंग में सुधार होगा और आमजन को बेहतर सुरक्षा मिलेगी।
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि, जिले में बढ़ते अपराध, ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध गतिविधियां और ट्रैफिक व्यवस्था जैसी चुनौतियां उनके सामने होंगी। लेकिन उनके अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए यह माना जा रहा है कि वे इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान निकालने में सक्षम होंगे।
रीवा जिले को एक ऐसा पुलिस अधीक्षक मिला है जो न सिर्फ प्रशासनिक रूप से सक्षम है, बल्कि क्षेत्रीय समझ भी रखता है। अब देखना होगा कि गुरुकरण सिंह अपनी नई जिम्मेदारी में कितनी तेजी से बदलाव लाते हैं और जिले की कानून-व्यवस्था को किस स्तर तक मजबूत कर पाते हैं।


