निरीक्षण में लापरवाही पड़ी भारी: दो अधीक्षकों की दो-दो वेतनवृद्धियां रोकी गईं
कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी की सख्ती, बिना सूचना अनुपस्थित मिलने पर हुई कार्रवाई
नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने जिले में शासकीय छात्रावास एवं आश्रमों के संचालन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए दो अधीक्षकों की दो-दो वार्षिक वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत की गई है।
जारी अलग-अलग आदेशों के अनुसार अनुसूचित जनजाति कन्या आश्रम फूल की अधीक्षिका मैनाबाई साकेत तथा अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम लालगांव के अधीक्षक गणेश प्रसाद शुक्ला पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। कलेक्टर द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारी अपने-अपने संस्थानों से बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए।
बताया गया कि कन्या आश्रम फूल के निरीक्षण के समय अधीक्षिका मैनाबाई साकेत न केवल अनुपस्थित मिलीं, बल्कि संस्था में ताला बंद पाया गया। वहीं बालक आश्रम लालगांव के आकस्मिक निरीक्षण में अधीक्षक गणेश प्रसाद शुक्ला भी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। प्रशासन ने इसे गंभीर कदाचार, शासकीय दायित्वों के प्रति लापरवाही तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं व्यवस्था के प्रति उदासीनता माना है।
कलेक्टर ने दोनों अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्राप्त स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए दोनों की दो वार्षिक वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी कर दिए।
प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि कलेक्टर की इस सख्ती के बाद जिले के छात्रावासों, आश्रमों एवं अन्य शासकीय संस्थाओं में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ेगी तथा लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।

